विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने रोहिंग्या के मामले में नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री को घेरा है. विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक बयान जारी करके केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की आलोचना की है. हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को ये जानकारी दी कि बर्मा के रोहिंग्या शरणार्थियों को दिल्ली में अपार्टमेंट दिए जाएँगे और पुलिस की सुरक्षा भी दी जाएगी. इस नए प्रावधान की जानकारी देते हुए उन्होंने ट्वीट भी किया।
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- भारत ने हमेशा ही उनका स्वागत किया है, जिन्होंने शरण मांगी है. उन्होंने बताया कि एक अहम फ़ैसला करते हुए सभी रोहिंग्या शरणार्थियों को दिल्ली के बक्करवाला इलाक़े में ईडब्लूएस (आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग) फ़्लैट में भेजा जाएगा. हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उन्हें बुनियादी सुविधाएँ भी दी जाएँगी. लेकिन विश्व हिंदू परिषद ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है.
विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने अपने बयान में कहा है कि वे हरदीप सिंह पुरी के बयान को लेकर सकते में हैं. उन्होंने 10 दिसंबर 2020 में अमित शाह की ओर से संसद में दिए बयान का ज़िक्र किया और कहा कि गृह मंत्री ने घोषणा की थी कि भारत में रोहिंग्या को कभी भी स्वीकार नहीं किया जाएगा
आलोक कुमार ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थी नहीं बल्कि घुसपैठिए हैं और ये केंद्र सरकार का भी रुख़ रहा है और केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल हलफ़नामे में भी यही बात कही थी. विश्व हिंदू परिषद ने केंद्र सरकार से मांग की कि वो अपने फ़ैसले पर फिर से विचार करे और रोहिंग्या को शरण देने की बजाए उन्हें भारत से वापस भेजे.
-एजेंसी