वाराणसी एमएससी छात्रा हत्याकांड: पुलिस मुठभेड़ में मुख्य साजिशकर्ता का करीबी गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

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वाराणसी: उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी में चर्चित एमएससी (M.Sc) छात्रा श्रेया उपाध्याय हत्याकांड मामले में खाकी ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। क्राइम ब्रांच और राजातालाब थाना पुलिस की संयुक्त टीम को एक मुखबिर की सूचना पर बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस के साथ हुई संक्षिप्त मुठभेड़ के दौरान कुख्यात हत्याकांड में संलिप्त आरोपी पुनीत मिश्रा को धर दबोचा गया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली जा लगी, जिसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मौके से पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक 315 बोर का अवैध तमंचा, कई जिंदा कारतूस और चले हुए खोखे बरामद किए हैं। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के दौरान अंधेरे और भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी का एक अन्य साथी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा। फरार बदमाश की सुरागरसी के लिए पूरे इलाके में सघन नाकेबंदी कर दी गई है और पुलिस की कई टीमें उसकी धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।

अपराधियों को बांटे गए थे लाखों के लालच

पुलिस की गहन तफ्तीश और टेक्निकल सर्विलांस से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मऊ का रहने वाला पुनीत मिश्रा मुख्य आरोपी विवेक चौबे का बेहद करीबी और राजदार दोस्त है। श्रेया की निर्मम हत्या को अंजाम देने तथा उसके शव को खुर्द-बुर्द करने की इस खौफनाक साजिश में पुनीत ने अपनी अहम भूमिका निभाई थी। जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने और शव को ठिकाने लगाने में सहयोग करने के लिए पुनीत मिश्रा ने अपने अन्य साथियों को भारी-भरकम रकम यानी लाखों रुपये देने का लालच दिया था, जिसके दम पर इस जघन्य कृत्य की पटकथा लिखी गई। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस अब इस एंगल पर भी गहराई से छानबीन कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे।

क्या था पूरा जघन्य मामला?

आपको बता दें कि बीते 20 अगस्त को रोहनिया थाना क्षेत्र के बच्छाव इलाके में स्थित एक किराए के मकान के बाथरूम से छात्रा श्रेया उपाध्याय का गला रेता हुआ शव बरामद हुआ था। यह कमरा श्रेया के दूर के रिश्तेदार और कथित प्रेमी विवेक चौबे ने किराए पर लिया था, जो घटना के बाद से ही फरार चल रहा है।

शादी तय होने से नाराज था मुख्य आरोपी

परिजनों का कहना है कि मृतका श्रेया की सगाई आगामी 26 नवंबर को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के एक अधिकारी से होने वाली थी। विवेक चौबे इस शादी से बेहद नाखुश था। आरोप है कि इसी रंजिश और संपत्ति के लालच में विवेक ने पुनीत मिश्रा व अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस निर्मम हत्याकांड की साजिश रची थी।

पुलिस की कार्रवाई जारी

वाराणसी पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी विवेक चौबे और मुठभेड़ के दौरान फरार हुए दूसरे बदमाश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा।