UP सियासत में उबाल: बीमार बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के घर IT की रेड, बीजेपी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपनी ही सरकार की एजेंसियों को घेरा

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​लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आयकर विभाग (IT) की एक विशाल टीम ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के आवास और दफ्तर पर छापेमारी शुरू कर दी। 50 से अधिक अफसरों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चल रही इस कार्रवाई ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि विधायक उमाशंकर सिंह वर्तमान में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।

​जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष, डॉक्टर-नर्स भी रोके गए

विधायक उमाशंकर सिंह पिछले दो वर्षों से कैंसर से लड़ रहे हैं और हाल ही में हुए ऑपरेशनों के बाद अपने लखनऊ आवास में पूरी तरह आइसोलेशन में हैं। विभाग की सख्ती का आलम यह है कि विधायक की देखभाल के लिए तैनात डॉक्टर और नर्सों के आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई है।

​बीजेपी मंत्री का फूटा गुस्सा: “प्रभु ऐसी संस्थाओं को सद्बुद्धि दे”

इस छापेमारी पर योगी सरकार के अपने ही मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। आपको बता दें कि मंत्री दिनेश प्रताप सिंह की बेटी उमाशंकर सिंह के परिवार में ब्याही है।

उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि उमाशंकर सिंह पिछले दो साल से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। उनके व्यापार लगभग बंद हो चुके हैं और इस वक्त वह धन नहीं, बल्कि सांसें बचाने की जंग लड़ रहे हैं।

​मंत्री ने तीखे शब्दों में कहा कि विधानसभा सत्र होने के बावजूद विधायक एक घंटे के लिए भी बाहर नहीं जा सके, ऐसी स्थिति में डॉक्टरों को रोकना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उमाशंकर सिंह के स्वास्थ्य को कोई हानि होती है, तो ये संस्थाएं जिम्मेदार होंगी।