आगरा: ताजनगरी के दीवानी परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान न्याय और मानवीय संवेदनाओं का एक अद्भुत समन्वय देखने को मिला। विधिक न्याय की प्रक्रिया के बीच ‘दीवानी अन्न सेवा’ स्टॉल का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मलिक ने फीता काटकर किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न्यायालय आने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को सेवा भाव के साथ नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराना था।
वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में न्यायिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में नोडल प्रभारी अमरजीत, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) शारिब अली, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पंकज कुमार, विशेष न्यायाधीश महेश नौटियाल, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानंद गुप्ता और जिला सूचना अधिकारी शीलेन्द्र शर्मा ने शिरकत कर इस सेवा कार्य की सराहना की।
श्रद्धा और स्मृति का संगम
यह सेवा कार्य पूज्य गुरुदेव बहुश्रुत जय मुनि जी एवं गुरु हनुमंत आदीश मुनि जी के आशीर्वाद से आयोजित किया गया। श्रीमती सुदेश कुमारी जैन की प्रेरणा और स्वर्गीय श्री प्रीतम चंद जैन की पावन स्मृति में आयोजित इस स्टॉल पर आगंतुकों को बेहद उत्साह के साथ प्रसाद वितरण किया गया। मेनू में आगरा का प्रसिद्ध पेठा, गर्मागर्म पूड़ियां, आलू-टमाटर की लजीज सब्जी और मिक्स अचार शामिल रहा, जिसे पाकर वादकारियों के चेहरे खिल उठे।
600 से अधिक लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद
सेवा के इस महाकुंभ में एडवोकेट विवेक कुमार जैन, एडवोकेट बलवीर सिंह, सीए वीरेन अग्रवाल, जय कुमार और बनवारी सिंह ने स्वयं कमान संभाली। टीम ने समर्पण भाव से काम करते हुए 600 से अधिक लोगों को भोजन कराया। उल्लेखनीय है कि प्रसादम, ओसवाल और नवकार फाउंडेशन के बैनर तले यह अन्न सेवा पिछले आठ महीनों से निरंतर संचालित हो रही है। प्रतिदिन कोर्ट लंच के समय गेट संख्या चार के सामने यह सेवा एडवोकेट विवेक कुमार जैन और उनकी समर्पित टीम के सहयोग से जरूरतमंदों तक पहुँच रही है।
न्यायिक अधिकारियों ने इस पहल को ‘न्याय के साथ सेवा’ का एक सच्चा उत्सव करार दिया, जो समाज में सकारात्मक संदेश देने का काम कर रहा है।


