घर-घर जाकर लोगों को बताएंगे कि हमारा चुनाव चिन्ह चोरी हुआ है: उद्धव ठाकरे

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शिवसेना से ठाकरे परिवार का नियंत्रण खत्म!

बता दें कि शुक्रवार को चुनाव आयोग ने ‘शिवसेना’ नाम और इसका चुनाव चिन्ह ‘धनुष और तीर’ एकनाथ शिंदे गुट को देने का फैसला किया है। साल 1966 में बाल ठाकरे द्वारा बनाई गई शिवसेना पर अब ठाकरे परिवार का नियंत्रण खत्म माना जा रहा है। छह महीने पहले एकनाथ शिंदे ने चुनाव आयोग में याचिका दाखिल की थी। जिस पर अब तीन सदस्यों वाले आयोग ने एकनाथ शिंद के पक्ष में फैसला सुनाया है।

शिंदे गुट के पास बहुमत

एकनाथ शिंदे के पास पार्टी के 55 विधायकों में से 40 विधायकों का और 18 लोकसभा सांसदों में से 13 का समर्थन है। संख्या बल के आधार पर ही चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को असली शिवसेना माना है। आयोग ने अपने फैसले में कहा कि 40 विधायक शिंदे गुट का समर्थन कर रहे हैं, जिसके चलते पार्टी को मिले कुल 47,82,440 वोटों में से 36,57,327 वोटों, जो कि कुल वोटों का 76 फीसदी हैं, इनका समर्थन शिंदे गुट के पास है। वहीं उद्धव ठाकरे गुट के पास सिर्फ 11,25,113 वोट पाने वाले 15 विधायकों का ही समर्थन है।

सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को चुनाव आयोग को देश के लिए खतरनाक बताया और आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। वहीं एकनाथ शिंदे ने चुनाव आयोग के फैसले को सच और लोगों की जीत बताया। उल्लेखनीय है कि एकनाथ शिंदे ने बीते साल जून में बीजेपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बना ली थी।

Compiled: up18 News