आगरा: ताजनगरी में पिछले दो हफ्तों से मौसम किसी फिल्मी पटकथा की तरह पल-पल बदल रहा है। शनिवार को एक बार फिर प्रकृति ने अपना रौद्र और सुहावना, दोनों रूप दिखाए। सुबह जहाँ तेज धूप ने लोगों को पसीने से तरबतर किया, वहीं दोपहर बाद अचानक बादलों ने डेरा डाल दिया और शाम होते-होते तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। शहर के कई इलाकों में देर रात तक बूंदाबांदी का दौर जारी रहा।
शुक्रवार की रात: तबाही का मंजर
शनिवार की बारिश से पहले शुक्रवार की रात आगरा के लिए आफत बनकर आई। रात करीब पौने नौ बजे आए भीषण अंधड़ और तूफान ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी।
तेज हवाओं के कारण शहर के अधिकांश हिस्सों की बिजली गुल हो गई, जिससे कई मोहल्ले घंटों अंधेरे में डूबे रहे। अंधड़ इतना जबरदस्त था कि सड़कों पर लगे भारी-भरकम होर्डिंग उखड़कर गिर गए और कई स्थानों पर विशालकाय पेड़ धराशायी होने से यातायात बाधित हो गया। दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़कों पर टिकना मुश्किल हो गया, जिसके चलते लोगों को बीच रास्ते में ही शरण लेनी पड़ी।
तापमान का उतार-चढ़ाव
शुक्रवार को आगरा का अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, जिससे लोग भीषण गर्मी और उमस से बेहाल थे। हालांकि, शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शाम की बारिश ने पारा और गिरा दिया है, जिससे उमस भरी गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन मौसम की इस अस्थिरता ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है।
15 दिनों से ‘लुकाछिपी’ का खेल
आगरा के निवासी पिछले 15 दिनों से मौसम के एक अजीब चक्र का सामना कर रहे हैं। यहाँ लगभग हर दो दिन बाद मौसम पूरी तरह पलट जाता है। चिलचिलाती धूप के तुरंत बाद आंधी और बारिश का आना अब आम हो गया है। इस ‘अनप्रेडिक्टेबल’ मौसम ने न केवल आम जनता बल्कि व्यापारियों और किसानों की भी धड़कनें बढ़ा दी हैं, क्योंकि बेमौसम बारिश फसलों और खुले बाजारों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है।
विशेषज्ञों की सलाह: रहें सतर्क
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज हवाओं और बिजली कड़कने के दौरान ऊंचे पेड़ों, खंभों और होर्डिंग्स के नीचे खड़े न हों। गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन अचानक आने वाले तूफान को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

