महंगाई के खिलाफ आज आगरा में कांग्रेस का ‘हल्ला बोल’: शहीद स्मारक से कलेक्ट्रेट तक निकलेगा जुलूस, DM को सौंपेंगे ज्ञापन

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आगरा। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस के भीतर अंदरूनी सियासत और संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में शहर कांग्रेस कमेटी की एक अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण बैठक आज लॉयर्स कॉलोनी स्थित पानी की टंकी के पास कैंप कार्यालय पर आयोजित की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता श्री श्याम किशोर जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में जहां एक ओर आज (18 मई 2026) होने वाले ‘महंगाई के खिलाफ हल्ला बोल’ आंदोलन की रणनीति बनाई गई, वहीं दूसरी ओर साल 2027 के चुनावों को लेकर पार्टी आलाकमान को बेहद सख्त और दो टूक संदेश भी दिया गया।

​आज सुबह 10 बजे शहीद स्मारक पर जुटेगी कांग्रेस, कलेक्ट्रेट का होगा घेराव

बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकमत होकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित सिंह के नेतृत्व में आयोजित होने वाले ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का संकल्प लिया। शहर अध्यक्ष श्री अमित सिंह ने वर्तमान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि साल 2014 से पहले जो बीजेपी पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की मामूली कीमतों को लेकर सड़कों पर तरह-तरह की नौटंकी करती थी, आज उसी बीजेपी के क्रूर शासनकाल में पेट्रोल और डीजल ₹100 के पार बिक रहा है। रसोई गैस के दाम इतने ज्यादा बढ़ा दिए गए हैं कि आम जनता की कमर टूट चुकी है। इसके कारण खाने-पीने की चीजें और तमाम आवश्यक वस्तुएं आसमान छू रही हैं। गरीबों का जीना हराम हो गया है और एक गरीब व्यक्ति को दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो पा रही है।

​अमित सिंह ने आज (18 मई 2026) महंगाई के विरुद्ध होने वाले इस महा-आंदोलन के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर ठीक सुबह 10:00 बजे शहीद स्मारक पर एकत्र होने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि शहीद स्मारक से कार्यकर्ताओं का एक विशाल जुलूस कलेक्ट्रेट तक जाएगा और जिलाधिकारी (DM) को इस जनविरोधी सरकार के खिलाफ ज्ञापन सौंपा जाएगा।

​’नो गठबंधन’: 2027 में अकेले अपने दम पर चुनाव लड़े कांग्रेस

​इस बैठक का सबसे बड़ा और रणनीतिक मोड़ तब आया जब राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता और कद्दावर कांग्रेस नेता रमाशंकर शर्मा ने मंच से संगठन की कमजोरियों पर उंगली उठाई। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर वास्तव में संगठन को मजबूत करना है, तो केवल कागजी दावों से काम नहीं चलेगा। इसके लिए युवाओं के साथ-साथ समाज के हर वर्ग की वास्तविक भागीदारी तय करनी होगी और महिलाओं को सक्रिय रूप से आगे लाना होगा।

​ शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की कि आगामी सन 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को किसी भी छोटी या बड़ी राजनीतिक पार्टी से कोई गठबंधन नहीं करना चाहिए। पार्टी को अकेले अपने दम पर सभी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए, जिससे कांग्रेस का पारंपरिक वोटर और जमीन पर पसीना बहाने वाला कार्यकर्ता पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ केवल अपनी पार्टी के लिए अपना सर्वस्व योगदान दे सकेगा।

​”बाहरी उम्मीदवारों को टिकट दिया तो भुगतना होगा अंजाम, मैं करूंगा बगावत”

संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए श्री शर्मा ने एक बड़ा सुझाव देते हुए कहा कि पुराने और समर्पित नेताओं की एक विशेष ‘संरक्षक कमेटी’ बनाई जाए। इसके साथ ही, पुराने कार्यकर्ताओं को हर एक सरकारी विभाग के स्तर पर एक-एक प्रभारी नियुक्त किया जाए, ताकि इन विभागों में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार के विरुद्ध कांग्रेस एक बड़ा और व्यापक आंदोलन खड़ा कर सके।

​अपने संबोधन को और आक्रामक बनाते हुए रमाशंकर शर्मा ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सन 2027 के चुनाव में पार्टी के लिए लाठियां खाने वाले वरिष्ठ और समर्पित कार्यकर्ताओं को वरीयता नहीं दी गई, तो परिणाम साल 2022 के विधानसभा चुनावों जैसा ही होगा।

उन्होंने गुजरे वक्त की याद दिलाते हुए कहा कि 2022 की तरह यदि इस बार भी ऐन वक्त पर बाहर से आए (पैराशूट) लोगों को टिकट बांटे गए, तो पार्टी अपने किए अंजाम के लिए स्वयं जिम्मेदार होगी; वरिष्ठ कांग्रेसजन इस अपमान को अब कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। हर बार अजनबी और बाहर से आए लोगों को चुनाव लड़ा दिया जाता है और सालों से दरी बिछाने वाले वरिष्ठ समर्पित कार्यकर्ता ठगे से रह जाते हैं।

उन्होंने खुली घोषणा की कि अगर इस बार भी वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का अपमान हुआ या उन्हें महत्व नहीं दिया गया, तो पार्टी के भीतर सबसे पहले मैं खुद बगावत और आंदोलन की अगुआई करूंगा, चाहे इसके लिए मुझे राजनीतिक रूप से कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।

​राम दत्त दिवाकर ने भी सुर में सुर मिलाया, बैठक में ये प्रमुख नेता रहे मौजूद

​बैठक में उपस्थित एक और वरिष्ठ अधिवक्ता एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता राम दत्त दिवाकर ने भी रमाशंकर शर्मा के इस तीखे बयान का पूरा समर्थन किया। उन्होंने भी संगठन को वैचारिक मजबूती देने, महंगाई के विरुद्ध आज होने वाले कार्यक्रम में पूरी ताकत से भाग लेने तथा सन 2027 के चुनाव में केवल पुराने और वफादार वरिष्ठ नेताओं को तरजीह व टिकट देने की बात पर विशेष जोर दिया।

इस महत्वपूर्ण और वैचारिक मंथन की बैठक में मुख्य रूप से वरिष्ठ नेता अरविंद कुमार दौनेरिया, कांग्रेस सेवादल के शहर अध्यक्ष सचिन चौधरी, कपूर चंद्रावत, महेंद्र सिंह, तिलक चौधरी, चंद्रपाल सिंह, चंद्रभान मथुरिया, गौरव कश्यप, संदीप मल्होत्रा, रमेश पहलवान, ओ. पी. सिंह बघेल, विजय शर्मा और बी. डी. पाठक सहित तमाम वरिष्ठ और युवा कांग्रेसियों ने भाग लिया और अपने-अपने विचार खुलकर व्यक्त किए।