आगरा। कमला नगर स्थित अग्रवाल सेवा सदन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस रविवार को कथा व्यास परमहंस स्वामी कृष्णानंद सरस्वती ने जड़ भरत चरित्र एवं भक्त प्रहलाद चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को सामाजिक एवं आध्यात्मिक जीवन के महत्वपूर्ण संदेश दिए। भक्त प्रहलाद की अटूट भक्ति और भगवान के प्रति समर्पण का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा व्यास ने कहा कि सच्ची भक्ति परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। भक्त प्रहलाद ने विपरीत परिस्थितियों और अनेक कष्टों के बावजूद भगवान के प्रति अपनी आस्था को कभी कमजोर नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में धर्म और अध्यात्म का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने आचरण में सत्य, करुणा, संयम और सद्भाव को उतारना भी है। परिवार और समाज में प्रेम एवं परस्पर सम्मान की भावना ही आध्यात्मिक जीवन की वास्तविक पहचान है।
उन्होंने भक्त और भगवान के संबंध पर प्रकाश डालते हुए ध्रुव चरित्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान और भक्त का संबंध निस्वार्थ प्रेम और पूर्ण समर्पण का होता है। ध्रुव ने बाल अवस्था में दृढ़ संकल्प और अटूट साधना से भगवान को प्राप्त किया। इससे यह संदेश मिलता है कि मनुष्य यदि अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहे और ईश्वर में विश्वास रखे तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता प्राप्त कर सकता है।
जड़ भरत चरित्र के माध्यम से उन्होंने समझाया कि संसार में रहते हुए मनुष्य को मोह और अहंकार से ऊपर उठकर आत्मचिंतन करना चाहिए। जीवन की वास्तविक सफलता बाहरी वैभव में नहीं, बल्कि मन की शांति और परमात्मा के प्रति समर्पण में है।
कथा के दौरान मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल एवं रमाकान्त उपाध्याय, (सदस्य गौ सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश सरकार, पूर्व प्रान्त गौसेवा) ने व्यास पीठ की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ अतिथियों का स्वागत किया।
मनोज अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को कथा में राजा बाली-वामन प्रसंग एवं राम चरित्र के साथ भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की लीला और नंदोत्सव के प्रसंग को भक्तिमय वातावरण में प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आनंद लेने का आह्वान किया। मुख्य यजमान पंकज अग्रवाल एवं आरती अग्रवाल रहे।
इस अवसर पर हर्ष अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, पिंकी अग्रवाल, ऋषभ अग्रवाल, पलक अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, चिराग अग्रवाल, सोनम अग्रवाल, हिमांशु मित्तल, रुचि मित्तल, विपुल बंसल, तन्वी बंसल, शुभम अग्रवाल, दीक्षा अग्रवाल, यश बंसल, मुस्कान बंसल, राजीव गर्ग, अर्चना गर्ग, रामकिशन अग्रवाल, सारिका अग्रवाल, लता बंसल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी रजत पांडे ने संभाली।

