टीटीजेड की कठोर शर्तों से बर्बाद हो रहे आगरा के उद्योग: नेशनल चैम्बर की बैठक में गूंजा उद्यमियों का दर्द

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आगरा। ताजनगरी के नेशनल चैम्बर सभागार में शुक्रवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बहुआयामी बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जहां एक ओर जिला प्रशासन की तरफ से डिप्टी कलेक्टर नीलम तिवारी ने देश में पहली बार लागू की जा रही ‘डिजिटल स्वगणना’ (Self-Enumeration) प्रक्रिया का पूरा रोडमैप उद्यमियों के सामने रखा, वहीं दूसरी ओर ताजमहल की सुरक्षा के लिए लागू ताज ट्रैपेजियम जोन (TTZ) के कड़े प्रतिबंधों के कारण दम तोड़ रहे आगरा के स्थानीय उद्योगों की गंभीर समस्याएं भी पूरी प्रखरता के साथ उठाई गईं।

इस द्विपक्षीय बैठक की अध्यक्षता चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने की, जबकि कुशल मंच संचालन पूर्व अध्यक्ष एवं एमएसएमई (MSME) प्रकोष्ठ के चेयरमैन संजय गोयल ने किया।

​देश में पहली बार हो रही स्वगणना, भविष्य की योजनाओं का बनेगी आधार

बैठक को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए डिप्टी कलेक्टर नीलम तिवारी ने एक विस्तृत डिजिटल प्रेजेंटेशन के माध्यम से चैम्बर सदस्यों को स्वगणना की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब नागरिकों को अपनी गणना स्वयं दर्ज करने का अधिकार दिया जा रहा है। ये आंकड़े भविष्य में बनने वाली सभी महत्वपूर्ण सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लिए बुनियादी डेटाबेस तैयार करेंगे।

​उन्होंने समय-सारणी साझा करते हुए बताया कि आगामी 22 मई से 20 जून 2026 तक आधिकारिक गणना निरीक्षक घर-घर जाकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आम नागरिक खुद भी घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी स्वगणना की प्रविष्टि कर सकते हैं। इसके लिए सभी बड़ी आवासीय सोसायटियों और कॉलोनियों में विशेष स्वगणना कैंप भी लगाए जाएंगे।

​जानिए कैसे करें ऑनलाइन स्वगणना (स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस)

​डिप्टी कलेक्टर ने ऑनलाइन पंजीकरण की आसान विधि समझाते हुए बताया:

​नागरिकों को सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाना होगा। ​वहां अपने राज्य और जिला का चयन करने के बाद अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। ​मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) सत्यापन के बाद पोर्टल पर लॉगिन किया जा सकेगा। ​इसके बाद पोर्टल के डिजिटल मैप पर अपने घर की सही लोकेशन को सेव करना होगा। अंत में परिवार से जुड़े 33 प्रमुख प्रश्नों का उत्तर देना होगा, जिसमें सदस्यों की संख्या, मकान की बनावट, रसोई, शौचालय की उपलब्धता और खाद्य सामग्री जैसे विवरण शामिल हैं।

​महत्वपूर्ण नियम: एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक ही परिवार की स्वगणना के लिए किया जा सकेगा। फॉर्म को फाइनल सबमिट करने के बाद एक विशिष्ट नंबर (Final Number) जनरेट होगा, जिसका प्रिंटआउट नागरिकों को सुरक्षित रखना होगा। बाद में जब गणना निरीक्षक घर पहुंचेंगे, तो वे इसी प्रिंटआउट के जरिए डेटा का भौतिक सत्यापन (Verification) करेंगे।

​”टीटीजेड के अव्यावहारिक नियमों से पिछड़ रहा है आगरा” — मनोज बंसल

​बैठक के दूसरे सत्र में आगरा के औद्योगिक पिछड़ेपन का मुद्दा गरमाया। नेशनल चैम्बर के अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने उद्योग विभाग के आला अधिकारियों के सामने टीटीजेड (TTZ) की कठोर कार्यप्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आगरा में ऐसी नई औद्योगिक इकाइयों को भी बिजली कनेक्शन देने से रोका जा रहा है, जिनसे किसी भी प्रकार का वायु प्रदूषण (Air Pollution) नहीं होता है। इन अव्यावहारिक और सख्त नियमों के कारण आगरा का औद्योगिक विकास पूरी तरह ठप हो चुका है और नए निवेश नहीं आ रहे हैं। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त से इस गंभीर मुद्दे पर मंडलायुक्त (कमिश्नर) की अध्यक्षता में जल्द एक विशेष निवारण बैठक बुलाने की मांग की।

​सरकार टीटीजेड को लेकर गंभीर, सीईसी रिपोर्ट में संशोधन प्रस्तावित

बैठक में मौजूद जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त शैलेंद्र सिंह ने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार टीटीजेड से प्रभावित आगरा के उद्योगों को राहत देने के लिए बेहद गंभीर है। उन्होंने एक बड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) की रिपोर्ट में आवश्यक संशोधनों और राहतों को शामिल कराने के लिए शासन स्तर पर मुख्य सचिव (Chief Secretary) द्वारा सीधे आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

​इसके साथ ही उन्होंने बताया कि आगरा के पेठा और मार्बल के अलावा अन्य पारंपरिक उत्पादों को भी ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना से जोड़ने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वर्तमान में औद्योगिक मशीनों की खरीद पर भारी सब्सिडी और टेक्निकल टेक्सटाइल्स पर विशेष इंसेंटिव देने की सरकारी व्यवस्था लागू है। उन्होंने जल्द ही एक्सपोर्ट काउंसिल और एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो के साथ मिलकर आगरा के निर्यातकों (Exporters) के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित करने की भी घोषणा की।

​बैठक में उमड़ा आगरा का व्यापारिक जगत

इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक व औद्योगिक विमर्श में शहर के दिग्गज उद्योगपतियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें मुख्य रूप से उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, अनूप गोयल, नरेन्द्र तनेजा, प्रशांत जैन, राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, गिरीश चंद गोयल, सुनील कुमार गर्ग, मनोज कुमार गुप्ता, चन्द्रवीर सिंह, राजेश अग्रवाल, स्वामी नाथ तिवारी, दिनेश कुमार जैन, सुशील बंसल, अपूर्व मित्तल, अम्बुज गोयल, विकास मित्तल, मयंक कुमार अग्रवाल, प्रशांत मित्तल, सतीश अग्रवाल, नारायन भरानी और राजेन्द्र गर्ग सहित सैकड़ों उद्यमी शामिल रहे।