लोकार्पण के 2 साल बाद भी बंद पड़ा है अस्पताल, भड़के सपा सांसद सुमन ने सीएमओ को घेरा; दिया 15 दिन का अल्टीमेटम

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आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ सोमवार को समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद व राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव के बीच जमकर तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच हुई इस हाई-वोल्टेज नोकझोंक के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे विवाद की मुख्य वजह एत्मादपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले नगला मानसिंह में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन शुरू न हो पाना है। सपा सांसद रामजीलाल सुमन का साफ तौर पर आरोप था कि इस स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण हुए दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक स्थानीय ग्रामीणों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। बैठक के दौरान जब सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने इस देरी के पीछे के प्रशासनिक कारण गिनाने शुरू किए, तो सांसद सुमन का पारा चढ़ गया और वे बुरी तरह उखड़ गए।

बातचीत के दौरान बहस उस समय और ज्यादा बढ़ गई जब सीएमओ ने एक अन्य स्थान का हवाला देते हुए कह दिया कि वहाँ भी अभी तक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। सीएमओ का यह तर्क सुनते ही सपा सांसद पूरी तरह भड़क गए। उन्होंने कड़े शब्दों में आपत्ति जताते हुए कहा, “ये तो नेताओं की भाषा है। ये हमें बोलने दीजिए।” इस तीखी टिप्पणी के बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक गरमागरम बहस होती रही।

सांसद रामजीलाल सुमन ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि नगला मानसिंह का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दो साल पहले ही पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका था। यही नहीं, पिछले साल 7 मार्च, 2024 को खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका बाकायदा लोकार्पण भी कर दिया था। इसके बावजूद इतने लंबे समय से यहाँ स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हैं। सपा सांसद ने रोष जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही के कारण ग्रामीण क्षेत्र की जनता बुनियादी इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।

आखिरकार, माहौल बिगड़ता देख सीएमओ ने बैकफुट पर आते हुए आश्वासन दिया कि अगले 15 दिनों के भीतर नगला मानसिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं अनिवार्य रूप से शुरू कर दी जाएंगी। सीएमओ से ठोस लिखित/मौखिक आश्वासन मिलने के बाद ही सपा सांसद शांत हुए और सीएमओ कार्यालय से बाहर आए। हालांकि, दफ्तर से निकलते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सख्त चेतावनी भी दी कि यदि तय समय सीमा यानी 15 दिनों के अंदर अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हुआ, तो वे जनता के हक के लिए एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।