लक्ष्य अनजान, निशाना सटीक: आगरा में संपन्न हुई देश की पहली ओपन नेशनल हंटर फील्ड टारगेट शूटिंग चैंपियनशिप, जॉन पाल और राधा बने चैंपियन

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आगरा। लक्ष्य की अनजानी दूरी, बदलता मौसम और बारिश की चुनौती… इसके बावजूद निशानेबाजों का उत्साह तनिक भी कम नहीं हुआ। सटीक निशाना, धैर्य, एकाग्रता और तकनीकी कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम आरएबीएसएआई ओपन नेशनल हंटर फील्ड टारगेट (एचएफटी) शूटिंग चैंपियनशिप का शनिवार को रोमांचक मुकाबलों के साथ समापन हुआ। पुरुष वर्ग में जॉन पाल और महिला वर्ग में राधा ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर प्रतियोगिता में अपनी श्रेष्ठता साबित की।

आगरा पब्लिक स्कूल, अरतौनी में आयोजित इस ऐतिहासिक दो दिवसीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 75 निशानेबाजों ने भाग लिया। भारत में पहली बार इस स्तर पर आयोजित एचएफटी प्रतियोगिता ने आगरा को अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खेल के मानचित्र पर नई पहचान दिलाई।

प्रतियोगिता का आयोजन रिमफायर एंड एयर राइफल्स बेंचरेस्ट शूटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया ट्रस्ट (आरएबीएसएआई) द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को वास्तविक दूरी जाने बिना विभिन्न परिस्थितियों में लक्ष्य का अनुमान लगाकर निशाना साधना पड़ा। लेटकर, घुटनों के बल और खड़े होकर बिना किसी सहारे के लक्ष्य भेदने की चुनौती ने मुकाबलों को खासा रोमांचक बना दिया।

मौसम की चुनौती के बीच खिलाड़ियों ने दिखाया जज्बा

आरएबीएसएआई के अध्यक्ष रजत विज ने कहा कि बारिश और प्रतिकूल मौसम प्रतियोगिता के दौरान बड़ी चुनौती रहे, लेकिन खिलाड़ियों के उत्साह और जज्बे पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि एचएफटी जैसे खेल में बदलती परिस्थितियों के बीच एकाग्रता बनाए रखना ही खिलाड़ी की असली परीक्षा होती है। भारतीय निशानेबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने तकनीकी दक्षता के साथ-साथ धैर्य और परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेने की क्षमता का भी प्रदर्शन किया।

विजेताओं के प्रदर्शन पर बजी तालियां

समापन समारोह में मुख्य अतिथि आगरा पब्लिक ग्रुप ऑफ एजुकेशन के अध्यक्ष डॉ. महेश चंद शर्मा ने विजेता खिलाड़ियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शूटिंग केवल निशाना साधने का खेल नहीं, बल्कि एकाग्रता, अनुशासन, धैर्य और सही समय पर सही निर्णय लेने की कला है। इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ उनमें आत्मविश्वास और अनुशासन का विकास करती हैं।

उन्होंने सभी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से खिलाड़ियों का आगरा आकर इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना शहर के लिए गौरव की बात है।

इन निशानेबाजों ने जीते पदक

40 वर्ष से अधिक पुरुष वर्ग

प्रथम — जॉन पाल
द्वितीय — मधुकर यादव
तृतीय — महेश

20 वर्ष से अधिक पुरुष वर्ग

प्रथम — जिमिक वी. नगायन
द्वितीय — पुनीथ
तृतीय — मोहम्मद जहीर

20 वर्ष से अधिक महिला वर्ग

प्रथम — राधा
द्वितीय — इफरा

अंडर-20 बालक वर्ग

प्रथम — यजत प्रताप सिंह
द्वितीय — संस्कार
तृतीय — वेदार्य सिंह यादव

अंडर-20 बालिका वर्ग

प्रथम — नेरिहा
द्वितीय — रिया कुशवाहा
तृतीय — सुखजीत कौर

निर्णय और संचालन में रही महत्वपूर्ण भूमिका

प्रतियोगिता के सफल संचालन और निर्णय प्रक्रिया में पीयूषिका यादव एवं हिना विज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। फील्ड मास्टर मधुकर यादव तथा वालंटियर पीयूष यादव सहित आयोजन टीम ने प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया।

प्रतियोगिता की विशेषता यह भी रही कि वर्ल्ड हंटर फील्ड टारगेट ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचएफटीओ) के अध्यक्ष जैकब विचर, चेक गणराज्य से विशेष रूप से उपस्थित रहे और रेंज ऑफिसर के रूप में प्रतियोगिता के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में मुकाबले अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कराए गए।

प्रतियोगिता में जेएसबी मैच डायबोलो, चेक गणराज्य आधिकारिक पैलेट पार्टनर तथा कैसर स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड आधिकारिक उपकरण सहयोगी के रूप में जुड़े रहे। कैसर स्पोर्ट्स की ओर से भवतेज सिंह भी मौजूद रहे।