आगरा: उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर आगरा में समाजवादी पार्टी ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से जुड़े ज्वलनशील मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरकर जोरदार हुंकार भरी है। ताजमहल परिसर के भीतर पर्यटकों की सुरक्षा, लगातार बढ़ते बंदरों के आतंक और वहां मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की बदहाली के विरोध में गुरुवार को समाजवादी पार्टी ने माल रोड पर स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के मंडलीय कार्यालय का जोरदार घेराव किया।
महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास की अगुवाई में भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल सैय्यद चौराहे से एक आक्रोशित जुलूस निकाला और एएसआई कार्यालय के बाहर पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इस दौरान समाजवादी पार्टी ने एक बड़ी मांग उठाते हुए आगरा की स्थानीय जनता के लिए महीने में कम से कम एक दिन ताजमहल में प्रवेश निःशुल्क करने की जोरदार आवाज उठाई।
विरोध प्रदर्शन और पुलिस प्रशासन का रुख
हाथों में पार्टी के झंडे, तख्तियां और ढोल-नगाड़ों के साथ निकला यह जुलूस जब एएसआई कार्यालय पहुंचा, तो वहां “पूछता है आगरा, जवाब दो एएसआई”, “ताजमहल बचाओ-पर्यटकों को सुरक्षा दो” और “आगरा की जनता को उसका अधिकार दो” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
कार्यकर्ताओं का यह आरोप रहा कि ज्ञापन स्वीकार करने के लिए एएसआई का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी बाहर नहीं आया, बल्कि मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इसके बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के मुख्य गेट पर ही धरना देकर एक जनसभा का आयोजन किया।
करोड़ों के खर्च के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव
सभा को संबोधित करते हुए सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने कड़े शब्दों में कहा कि ताजमहल भारत की शान और एक विश्व धरोहर है, लेकिन विडंबना यह है कि यहां आने वाले पर्यटकों को पीने के लिए शुद्ध पानी, प्राथमिक चिकित्सा, पर्याप्त शौचालय और पुख्ता सुरक्षा जैसी प्राथमिक सुविधाएं तक मयस्सर नहीं हो पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि परिसर के अंदर बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि उनके अचानक हमलों से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के साथ-साथ महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने ताजमहल के रखरखाव और संरक्षण के नाम पर खर्च होने वाली करोड़ों रुपये की धनराशि पर पारदर्शिता की मांग करते हुए सवाल उठाया कि आखिर क्यों आगरा के मूल निवासी अपनी ही सांस्कृतिक धरोहर को देखने के लिए महंगे टिकट खरीदने को विवश हैं। उन्होंने पुरजोर मांग की कि आगरा के हर नागरिक को महीने में कम से कम एक दिन ताजमहल में मुफ्त प्रवेश मिलना चाहिए।
राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में शामिल हैं छह प्रमुख मांगें
सपा नेताओं की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में पिछले पांच वर्षों के दौरान ताजमहल के रखरखाव पर हुए खर्च और टेंडर प्रक्रिया की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष तथा पारदर्शी जांच कराने की मांग की गई है ताकि जनता के सामने खर्च का पूरा हिसाब आ सके। इसके अलावा, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बंदरों से निजात पाने का स्थायी समाधान, स्वच्छ व ठंडे पेयजल की व्यवस्था, 24 घंटे फर्स्ट एड, प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में यह भी प्रमुखता से उठाया गया कि ट्रांसजेंडर पर्यटकों के सम्मान और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग से शौचालय का निर्माण कराया जाए, परिसर की सुविधाओं का नियमित निरीक्षण हो और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
मांगों पर जल्द कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
शब्बीर अब्बास ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यह पूरा आंदोलन आगरा की आम जनता, यहां के पर्यटन उद्योग और ताजमहल की वैश्विक गरिमा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर आधारित है। यदि प्रशासन ने इन मांगों पर जल्द से जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो समाजवादी पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में चरणबद्ध और व्यापक स्तर पर आंदोलन का बिगुल बजाएगी।
इस विरोध प्रदर्शन और घेराव के दौरान राहुल चतुर्वेदी, ममता टपलू, रवि मेहरा, बलविंद्र सिंह जाटव, गजेंद्र यादव, राहुल चौधरी, डॉ. बबलू वाल्मीकि, फर्रूखसियर, जिया चौधरी, नीरज कांत, हर्ष धाकड़, इमरान कुरैशी, ओम पंडित, श्याम भोजवानी, जमील खान, आकिल अब्बास, राजीव सविता, प्रियंका चौहान, पूनम वाल्मीकि, यामीन मंसूरी, जफर कुरैशी, महावीर सिंह, सोमेश गुप्ता, रघु यादव, फईम उस्मानी, सुरेश कर्दम, जितेंद्र लवानियां गांधी, राशिद मेव, चिराग तोमर, विपिन यादव, ममता शर्मा, रूबी जादौन, लविश यादव और सिराज अब्बास सहित बड़ी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
