शिक्षा, समानता और राष्ट्र निर्माण का आधार हैं सरकारी विद्यालय: आधुनिक दौर में इनकी प्रासंगिकता पर विशेष चिंतन की जरूरत
किसी भी राष्ट्र की वास्तविक ताकत उसके विशाल भवनों, चौड़ी सड़कों, ऊँची इमारतों या आर्थिक विकास दर से नहीं मापी जाती। किसी देश की सबसे बड़ी शक्ति उसकी शिक्षा व्यवस्था होती है। शिक्षा ही वह आधार है जिस पर सभ्यता, संस्कृति, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और आर्थिक प्रगति का पूरा ढाँचा खड़ा होता है। यदि शिक्षा […]
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