वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा और संस्कार का अलख जगा रहे आगरा के भामाशाह: वनबंधु परिषद द्वारा आयोजित समारोह में हुए सम्मानित

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आगरावासी भामाशाहों के उदार सहयोग और समर्पण के बल पर देश के दूरदराज वनवासी और आदिवासी क्षेत्रों में पिछले 36 वर्षों से शिक्षा, संस्कार और स्वावलंबन का पावन दीप अनवरत जल रहा है। ‘वनबंधु परिषद’ के ‘एकल विद्यालय अभियान’ के माध्यम से आज लाखों वनवासी बच्चों और उनके परिवारों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलंबन और सामाजिक जागरण का प्रकाश पहुंचाया जा रहा है। इस महान और पवित्र सेवा कार्य में लगातार आर्थिक व नैतिक सहयोग देने वाले दानदाताओं, प्रेरकों और सम्मानित सदस्यों के अभिनंदन के लिए रविवार को महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

​कार्यक्रम की शुरुआत में वनबंधु परिषद आगरा चैप्टर के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंघल ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1990 से आगरा के भामाशाहों के मजबूत सहयोग से वनवासी अंचलों में शिक्षा और संस्कृति का यह अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। इसके जरिए आदिवासी समाज को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

​संस्था के उपाध्यक्ष सीए गोविंद प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में वनबंधु परिषद द्वारा देश भर के वनवासी क्षेत्रों में कुल 85,593 एकल विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से लगभग 27 लाख बच्चों को प्राथमिक शिक्षा और उत्तम संस्कार प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आगरा चैप्टर भी अपने दानदाताओं की बदौलत इस ऐतिहासिक अभियान में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

​वहीं, एक अन्य उपाध्यक्ष रवि अग्रवाल ने बताया कि इन क्षेत्रों के ग्रामीणों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई केंद्रों के माध्यम से स्वावलंबन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, साथ ही आज के तकनीकी युग की मांग को देखते हुए डिजिटल कंप्यूटर लैब की आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

30 हजार रुपये में एक वर्ष की पूरी जिम्मेदारी

कार्यक्रम के दौरान कोषाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल ने एकल अभियान की कार्यप्रणाली साझा करते हुए बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक आदिवासी गांव में एक एकल विद्यालय संचालित होता है, जहाँ एक स्थानीय शिक्षक लगभग 30 बच्चों को एक साथ शिक्षा और संस्कार देता है।

इस प्रकार महज एक विद्यालय के माध्यम से सीधे तौर पर 30 परिवारों तक सकारात्मक बदलाव और शिक्षा की रोशनी पहुंचती है। उन्होंने उपस्थित लोगों को जानकारी दी कि मात्र 30,000 रुपये वार्षिक का दान देकर कोई भी व्यक्ति 30 विद्यार्थियों वाले एक पूरे विद्यालय की पूरे वर्षभर की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले सकता है।

समारोह का कुशल मंच संचालन उपाध्यक्ष सीए गोविंद प्रसाद अग्रवाल द्वारा किया गया, जबकि अंत में संस्था के सचिव जगदीश प्रसाद बंसल ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों और दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

​इस गरिमामयी अवसर पर मार्गदर्शक विजय कुमार खन्ना, देवेंद्र वाजपेई एडवोकेट, रामरतन मित्तल, हरिओम अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेश वर्मा, सह सचिव डॉ. जीएस जैन, संगठन मंत्री सुभाष चंद्र अग्रवाल एडवोकेट, अशोक अग्रवाल कपड़े वाले, नरेंद्र बंसल चांदी वाले, योजना प्रमुख सुरेंद्र शर्मा, नरेंद्र बंसल, सह कोषाध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल, महिला समिति अध्यक्ष सुमन जैन, उपाध्यक्ष सुधा अग्रवाल, सचिव अनु अग्रवाल, कोषाध्यक्ष शालिनी गर्ग, सह सचिव सुमन अग्रवाल, नॉर्थ जोन अध्यक्ष लता जैन, सुनील शर्मा, सलिल कुमार गोयल, कपिल अग्रवाल, अनिल गोयल और चैप्टर प्रकल्प प्रमुख रामेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।