जयंती विशेष: संत दुर्बलनाथ जी महाराज…सत्य, साधना और समरसता के प्रकाशस्तंभ
संत दुर्बलनाथ जी महाराज ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि सत्य का पालन, साधना का अभ्यास और समाज में समरसता का प्रसार ही वास्तविक धर्म है। उन्होंने आडंबरों और भेदभाव का विरोध किया तथा शिक्षा, नैतिकता और सेवा को मानव जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य बताया। आज जब समाज भौतिकता और विभाजन की ओर […]
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