रंगमंच पर साकार हुआ कृष्ण-तत्व, “मेरे भीतर का कृष्ण” बनी आत्मिक अनुभूति की अनुपम प्रस्तुति
मुंबई (अनिल बेदाग)। भारतीय रंगमंच में जब आस्था, दर्शन और आधुनिक दृश्यात्मक तकनीक एक साथ मंच पर उतरती हैं, तो प्रस्तुति केवल नाटक नहीं रह जाती—वह चेतना की यात्रा बन जाती है। ऐसी ही एक विलक्षण और आत्मिक अनुभूति है “मेरे भीतर का कृष्ण”, जो श्रीकृष्ण की दिव्य कथा को रंग, राग और संवेदना के […]
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