रंग-ए-ग़ज़ल: उर्दू अदब की दुनिया का नया फ़लक, दिल्ली में सजेगी रूहानी शाम

अक्सर आर्ट यानी कला को मंचों और रोशनी की सीमाओं में बांध दिया जाता है. लेकिन चकाचौंध और क़िस्से-कहानियों से भरी उर्दू अदब (साहित्य) की दुनिया में एक ऐसा इनिशिएटिव शुरू हो रहा है, जिसे देख कर साहित्यप्रेमियों में नई उम्मीद जग रही है. ‘रंग-ए-ग़ज़ल’ कुछ अलग सोचने की हिम्मत करता है. यह प्लेटफॉर्म एक […]

Continue Reading