भारतीय शिक्षा और एआई: मुक्तिदायी या बंधनकारी

कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारतीय शिक्षा के सामने दो राहें खोलती है। एक ओर यह शिक्षक को कागज़ी काम और दोहरावदार कार्यों से मुक्त कर सकती है, जिससे वह संवाद और मार्गदर्शन पर ध्यान दे सके। दूसरी ओर यह खतरा भी है कि शिक्षक महज़ “तकनीकी-प्रबंधक” बन जाए और शिक्षा का मानवीय सार खो जाए। भारत के […]

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“कृत्रिम बुद्धिमत्ता: नवाचार की उड़ान या बौद्धिक चोरी का यंत्र?”

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आज नई रचनात्मकता का माध्यम बन चुकी है, पर यह बहस का विषय है कि क्या यह नवाचार, रचनाकारों की मेहनत की चोरी पर टिका है? अमेरिका में अदालतों ने एआई द्वारा ‘सीखी गई’ सामग्री को उचित प्रयोग माना, पर रचनाकार असंतुष्ट हैं। भारत में समाचार एजेंसी एएनआई ने ओपनएआई के खिलाफ […]

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जीवन को सुगम तो बनाता है AI, लेकिन इसका दुरुपयोग समाज के लिए खतरा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि जहां एक ओर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल लोगों के जीवन को सुगम बना रहा है, तो वहीं ‘डीपफेक’ बनाने के वास्ते इसका दुरुपयोग समाज के लिए खतरा पैदा करता है. उन्होंने कहा कि यदि प्रौद्योगिकी का सही इस्तेमाल किया जाए, तो इससे समाज को फायदा होगा, […]

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