अप्सा (APSA) में फिर ‘सुशील युग’: डॉ. सुशील चंद्र गुप्ता लगातार 5वीं बार निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित, शिक्षा और पर्यावरण पर लिया बड़ा संकल्प

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​आगरा: ताजनगरी के प्रतिष्ठित स्कूलों के संगठन ‘अप्सा’ (एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल्स ऑफ आगरा) ने एक बार फिर डॉ. सुशील चंद्र गुप्ता के नेतृत्व पर अटूट विश्वास जताया है। डॉ. गुप्ता लगातार पाँचवीं बार (सत्र 2018-28 के लिए) संगठन के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। गायत्री पब्लिक स्कूल (यूनिट-2) में आयोजित सामान्य कार्यकारिणी बैठक में कर्नल अपूर्व त्यागी की देखरेख में संपन्न हुई यह चुनाव प्रक्रिया संगठन की एकजुटता और मजबूत आंतरिक लोकतंत्र का प्रतीक बनकर उभरी।

​सर्वसम्मति से चुनी गई नई टीम

चुनाव में पूरी कार्यकारिणी का चयन निर्विरोध और सर्वसम्मति से किया गया। नई टीम की संरचना इस प्रकार है:

अध्यक्ष – डॉ. सुशील चंद्र गुप्ता, सचिव – डॉ. गिरधर शर्मा, कोषाध्यक्ष – प्रद्युम्न चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष (सीबीएसई) – डॉ. जी.एस. राना, उपाध्यक्ष, (आईसीएसई) – फादर रॉय डोलफोस, संयुक्त सचिव – त्रिलोक सिंह राणा
और संयुक्त कोषाध्यक्ष – दीपिका त्यागी।

​इसके साथ ही संजय अग्रवाल, अनिमेष दयाल, प्रांजल शर्मा, डॉ. अभिषेक कुमार गुप्ता, मनीष गुप्ता, सुमित उपाध्याय, प्रवीण बंसल, डॉ. मानवेंद्र शर्मा, शेखर भरत सिंह, लोक पाल चाहर, भूप सिंह इंदौलिया को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में चुना गया है।

​शिक्षा जगत के लिए ‘ग्रीन और डिजिटल’ रोडमैप

अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने कार्यभार संभालते ही आगामी सत्र के लिए क्रांतिकारी योजनाओं की घोषणा की। इस बार अप्सा का ध्यान केवल पाठ्यक्रम पर नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय उत्तरदायित्वों पर भी रहेगा:

ग्रीन कैंपस: सभी सदस्य स्कूलों को ‘नो प्लास्टिक जोन’ बनाया जाएगा। ‘एक छात्र-एक वृक्ष’ अभियान के साथ पूरे सत्र को हरित वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।

​डिजिटल गवर्नेंस: संगठन के सभी प्रशासनिक कार्य अब पेपरलेस सिस्टम के तहत संचालित होंगे।

महिला सशक्तिकरण: निर्धन मेधावी छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति योजना निरंतर जारी रहेगी।

​छात्रों के हित में कड़े फैसले: कोचिंग और बैग के बोझ पर लगाम

अप्सा ने छात्रों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:

​बस्ते का बोझ: बैग के वजन पर स्कूल प्रबंधन विशेष निगरानी रखेंगे।

कोचिंग पर सख्ती: सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार, 16 वर्ष से कम आयु के छात्रों के कोचिंग प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाएगा।

​एनसीईआरटी प्राथमिकता: स्कूलों में एनसीईआरटी पुस्तकों के प्रयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

​फीस नियंत्रण: फीस में किसी भी प्रकार की वृद्धि नियामक बिल 2018 के प्रावधानों के तहत ही होगी।

बढ़ता कुनबा, बढ़ती साख

सचिव डॉ. गिरधर शर्मा ने बताया कि अप्सा से अब आगरा के 60 से अधिक प्रमुख सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालय जुड़ चुके हैं। बैठक में 45 विद्यालयों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में अपूर्वा शर्मा ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया।