बचपन पर भारी ‘स्मार्टफोन’: आगरा में होम्योपैथी विशेषज्ञों ने लाइफस्टाइल को बताया रोगों का घर, दिए बचाव के टिप्स

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आगरा: बदलती जीवनशैली और मोबाइल-टेलीविजन के बढ़ते उपयोग ने अब नई पीढ़ी के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। पश्चिमपुरी स्थित जर्मन होम्यो मेडी सेंटर पर ‘एडवांस होम्यो एकेडमी’ के तत्वावधान में आयोजित एक वैज्ञानिक सत्र में विशेषज्ञों ने बच्चों में तेजी से बढ़ रहे बिहेवियरल डिसऑर्डर (व्यवहार संबंधी विकार) और विकास में आ रही रुकावटों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। यह आयोजन होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमेन के जन्मदिवस के अवसर पर किया गया।

डिजिटल युग का नकारात्मक असर

सत्र के दौरान प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. नकुल गौतम ने कहा कि आज का डिजिटल युग बच्चों को ‘वर्चुअल दुनिया’ का कैदी बना रहा है। मोबाइल और टीवी की लत के कारण बच्चों में जिद्दीपन, एकाग्रता की कमी और सामाजिक व्यवहार में गिरावट आ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि असंतुलित खानपान और स्क्रीन टाइम का बढ़ना बच्चों के भविष्य के लिए घातक साबित हो रहा है।

महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी मंडराता खतरा

कार्यक्रम में डॉ. दिशा गौतम ने लाइफस्टाइल से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के कारण महिलाओं में पीसीओडी (PCOD) और पीसीओएस (PCOS) जैसी बीमारियां महामारी की तरह बढ़ रही हैं, जो आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का कारण बन सकती हैं। बेकसन होम्यो मेडिकल कॉलेज की डॉ. अर्पिता सिंह और स्वावे इंडिया के निदेशक डॉ. बालावन ने भी स्त्री रोगों पर विस्तृत जानकारी साझा की।

​डॉक्टरों और छात्रों का बड़ा संगम

इस वैज्ञानिक सत्र का शुभारंभ डॉ. वी.के. भटनागर और संस्थापक डॉ. अनिल गौतम ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कार्यक्रम में आगरा के अलावा एटा, फिरोजाबाद, नोएडा और मथुरा के 45 वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया। साथ ही, अलीगढ़ और आगरा के मेडिकल कॉलेजों के छात्रों ने भी विशेषज्ञों से होम्योपैथी के नए आयामों को सीखा।

उपस्थिति और संचालन:

कार्यक्रम का संचालन एकल गौतम ने किया। इस अवसर पर डॉ. पंकज त्रिपाठी, शुभ्रा तलेगांवकर, डॉ. के.के. कुलश्रेष्ठ, डॉ. एल. राजपूत, डॉ. अंकुर प्रकाश और डॉ. पीयूष बैजल सहित कई गणमान्य चिकित्सक उपस्थित रहे।