आगरा में आसमानी आफत: फतेहपुर सीकरी में गिरे मकान, आधा दर्जन घायल; गेहूं की फसल पर फिरा पानी

स्थानीय समाचार

आगरा/फतेहपुर सीकरी: आगरा जनपद के फतेहपुर सीकरी ब्लॉक में शुक्रवार (3 अप्रैल) की देर शाम प्रकृति ने ऐसा तांडव मचाया कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। अचानक आए भीषण आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। सबसे ज्यादा असर ग्राम पंचायत मई में देखने को मिला, जहाँ दो मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए और कई अन्य बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

​मलबे में दबीं जिंदगी, ग्रामीणों ने दिखाया साहस

हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ग्राम मई में आबिद और सफीक के मकान पूरी तरह गिर गए। मलबे के नीचे परिवार के सदस्य दब गए, जिन्हें चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। इस हादसे में नूरजहां, सफीक, मुस्कान, सुल्तान, जोया और एजाज गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) फतेहपुर सीकरी में चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।

​इन परिवारों के आशियाने छिने

तेज हवाओं के वेग ने कई कच्चे और कमजोर घरों को अपनी चपेट में ले लिया। मिली जानकारी के अनुसार, आबिद, सफीक, रफी, मंगल, धर्मवीर और पिंकी के मकानों की छतें और दीवारें ढह गई हैं। कई घरों के टीनशेड उड़कर दूर जा गिरे, जिसके कारण लोग रातभर दहशत के साये में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर रहे।

सड़कें जाम, बिजली गुल और जनजीवन ठप

तूफान का असर केवल मकानों तक सीमित नहीं रहा। नगला दधराम और गुर्जर पुरा में भी दर्जनों पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। प्रशासन के पहुँचने से पहले ग्रामीणों ने स्वयं कुल्हाड़ी और रस्सियों की मदद से पेड़ हटाकर रास्ते बहाल किए। वहीं, आगरा शहर से लेकर देहात तक बिजली व्यवस्था चरमरा गई। टोरेंट पावर के अनुसार, सुरक्षा की दृष्टि से कई फीडरों की सप्लाई बंद करनी पड़ी, जो देर रात तक बहाल नहीं हो सकी थी।

अन्नदाता पर दोहरी मार: फसलें हुईं बर्बाद

इस बेमौसम ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है, वहीं खलिहानों में रखी कटी हुई फसल भीगने से काली पड़ने की आशंका है। फतेहपुर सीकरी के किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर मुआवजे की गुहार लगाई है।

​प्रशासनिक मुस्तैदी

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुँच गई हैं। प्रभावित गांवों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार पीड़ितों को आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।