राधारानी के श्रृंगार और बधाई गान से गूंजा आगरा का श्री मथुराधीश मंदिर, पुरुषोत्तम मास में श्रद्धालुओं ने किए अलौकिक दर्शन

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आगरा। यमुना तट पर स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय ‘श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर’ में शनिवार को राधाष्टमी का पावन पर्व अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। पुरुषोत्तम मास की दिव्यता के बीच आयोजित इस उत्सव ने पूरे वातावरण को भक्ति और माधुर्य के रंग में रंग दिया।

विधि-विधान से हुआ राधारानी का अभिषेक

उत्सव की शुरुआत सुबह राधारानी के भव्य पंचामृत अभिषेक के साथ हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल का उपयोग कर स्वामिनीजी का विधि-विधान से अभिषेक किया गया। अभिषेक के उपरांत, उन्हें दिव्य वस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित कर पालने में विराजमान कराया गया। राधारानी के इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन कर भक्त स्वयं को धन्य महसूस कर रहे थे।

​श्रृंगार और भोग की अलौकिक छटा

मंदिर परिसर को मोगरे और बेले के सुगंधित पुष्पों से सजाया गया, जिसने पूरे स्थान को पीताम्बरी आभा प्रदान की। राधारानी के प्रति अपनी विशेष भक्ति प्रकट करते हुए उन्हें उनके प्रिय अरबी के विशेष व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने बताया कि पुष्टिमार्ग में राधारानी का स्वरूप ‘स्वामिनीजी’ के रूप में पूजनीय है, जिन्हें महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य ने विशेष स्थान दिया है।

कीर्तन और बधाई गीतों से गूंजा मंदिर

संध्याकाल में आयोजित ‘बधाई गान’ ने भक्ति के माहौल को और भी सघन कर दिया। ढोलक और मंजीरों की थाप पर भक्तजन भावविभोर होकर झूमते रहे। कार्यक्रम के अंत में पलना दर्शन, विशेष आरती और मनोरथ सेवा संपन्न की गई।

इस अवसर पर जुगल श्रोत्रिय, रतन वार्ष्णेय, संगीता, अतुल, अनुराधा, दीपेश, तान्या, कृष्णा, श्रीविक, प्रशांत भारद्वाज, राजेश शर्मा, तपस्या शर्मा, अपाला शर्मा, सूर्य श्रोत्रिय, पूजा सिंघल और रिंकी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और भक्तजन मौजूद रहे।