आगरा। उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि और अनुशासन को लेकर आगरा पुलिस प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अपना रहा है। सोशल मीडिया पर वर्दी पहनकर रील बनाने और पोस्ट साझा करने वाले आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से ‘लाइन हाजिर’ कर दिया गया है। इस सामूहिक कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है।
सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का उल्लंघन
पिछले कुछ समय से आगरा में तैनात कुछ पुलिसकर्मी लगातार इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर वर्दी में वीडियो और पोस्ट डाल रहे थे। पुलिस विभाग द्वारा जारी ‘सोशल मीडिया पॉलिसी-2023’ के तहत वर्दी में इस तरह की गतिविधि करना प्रतिबंधित है। उच्चाधिकारियों ने इसे अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और विभागीय आदेशों की अवहेलना मानते हुए इस पर संज्ञान लिया है।
कार्रवाई की जद में कौन-कौन?
मीडिया सेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने वाले इन आठ पुलिसकर्मियों में पाँच उपनिरीक्षक (SI), दो महिला उपनिरीक्षक और एक महिला आरक्षी (Constable) शामिल हैं।
विभाग का सख्त संदेश
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वाले इन कर्मियों का कृत्य विभाग की गरिमा को प्रभावित करने वाला है। मीडिया सेल के अनुसार, वर्दी में रील बनाना पुलिस की कार्यप्रणाली के विपरीत है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी पुलिसकर्मियों को आगाह किया है कि वे सोशल मीडिया पॉलिसी का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।
इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले के पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है। इसे अनुशासन बनाए रखने और विभाग की छवि को बेहतर बनाने के लिए एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। आला अधिकारियों ने अन्य कर्मियों को भी चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया गतिविधि, जो विभागीय छवि को धूमिल करे, उस पर और अधिक कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


