वृंदावन में भीषण हादसा: यमुना में डूबी 32 श्रद्धालुओं से भरी मोटर बोट, 8 शव निकाले; रेस्क्यू के लिए बुलाई गई सेना

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मथुरा/वृंदावन: धर्मनगरी वृंदावन में शुक्रवार का दिन एक बड़े हादसे के साथ मातम में बदल गया। पंजाब से आए श्रद्धालुओं का एक जत्था जब यमुना की लहरों पर सैर कर रहा था, तभी उनकी मोटर बोट अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 श्रद्धालुओं के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन को राहत कार्य में पूरी शक्ति झोंकने के निर्देश दिए हैं।

निधिवन के दर्शन के बाद शुरू हुआ ‘मौत का सफर’

जानकारी के अनुसार, पंजाब के मोंगा, मुक्तेश्वर और लुधियाना से करीब 150 श्रद्धालुओं का एक जत्था शुक्रवार सुबह 9 बजे वृंदावन पहुँचा था। निधिवन में ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन और पूजन करने के बाद, इनमें से 32 श्रद्धालु यमुना भ्रमण के लिए निकले। सभी लोग वृंदावन के प्रसिद्ध केशीघाट से एक मोटर बोट पर सवार हुए।

पैंटून पुल से टकराकर पलटी बोट

​हादसा मांट थाना क्षेत्र के समीप हुआ। बताया जा रहा है कि तेज बहाव और संभवतः क्षमता से अधिक भार के कारण मोटर बोट अनियंत्रित हो गई और यमुना पर बने पैंटून पुल से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोट तुरंत पलट गई और उसमें सवार सभी 32 श्रद्धालु गहरे पानी में डूब गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन: गोताखोरों के साथ सेना ने संभाली कमान

​हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुन स्थानीय लोग व पुलिस मौके पर पहुँचे। अब तक 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें तत्काल एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। शाम 4:30 बजे तक गोताखोरों ने 8 शवों को पानी से बाहर निकाल लिया था।

यमुना की गहराई और लापता लोगों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय सेना की टीम को भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बुला लिया है। पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

​प्रशासनिक अमला मौके पर

घटनास्थल पर भारी पुलिस बल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौजूद हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित खोजने की है, हालांकि समय बीतने के साथ आशंकाएं बढ़ती जा रही हैं। ​इस हादसे ने एक बार फिर पर्यटन बोटों की सुरक्षा व्यवस्था और क्षमता मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।