आगरा: शहीद दिवस के अवसर पर ताजनगरी में देशभक्ति का अनूठा जज्बा देखने को मिला। अमर क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान को याद करते हुए नूरी दरवाजा स्थित भगत सिंह स्मारक पर एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। आगरा व्यापार मंडल और शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर संगठन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों और युवाओं ने शहीदों की शहादत को नमन किया।
श्रद्धासुमन और दो मिनट का मौन
कार्यक्रम की शुरुआत भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल और शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इसके पश्चात, उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन धारण कर देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले जांबाज क्रांतिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
“भगत सिंह एक नाम नहीं, विचारधारा हैं”
व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगत सिंह का जीवन निडरता और त्याग का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा, “भगत सिंह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक ऐसी विचारधारा हैं जो हर युग में अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देती रहेगी।” उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
आगरा और नूरी दरवाजा का ऐतिहासिक महत्व
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने नूरी दरवाजा क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि क्रांतिकारी गतिविधियों के दौरान भगत सिंह ने इसी क्षेत्र को अपना ठिकाना बनाया था और यहाँ रहकर कई महत्वपूर्ण योजनाओं को आकार दिया था। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस ऐतिहासिक स्थल को एक प्रमुख पर्यटन और प्रेरणा केंद्र के रूप में संरक्षित व विकसित किया जाए।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा में कन्हैया लाल राठौर, राकेश बंसल, देवेंद्र अग्रवाल, साहूकार सिंह चाहर, दिनेश चंद्र शर्मा, अंशुल बंसल, नवीन, हरफूल बघेल और गिरीश सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी और व्यापारी शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण ‘इंकलाब’ के नारों से गुंजायमान हो उठा।

