लखनऊ। राजधानी लखनऊ में कानून-व्यवस्था को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में एक लाख रुपये के इनामी अपराधी संजय उर्फ संजीव को मुठभेड़ में मार गिराया है। यह कुख्यात अपराधी बीते दिनों पीजीआई क्षेत्र में हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था और वारदात के बाद से ही पुलिस की आँखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। देर रात हुई इस मुठभेड़ के बाद अपराधी का अंत हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार, अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम क्षेत्र में संदिग्धों की धरपकड़ के लिए सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान इंदिरा कैनाल के पास पुलिस टीम का सामना एक लाख के इनामी अपराधी संजय उर्फ संजीव से हो गया। पुलिस को देखते ही अपराधी ने खुद को घिरता हुआ महसूस किया और टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए फायरिंग की, जिसमें संजय उर्फ संजीव को गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल अवस्था में पुलिस उसे तुरंत इलाज के लिए लोहिया अस्पताल ले गई, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ में मारा गया संजय उर्फ संजीव मूल रूप से अंबेडकरनगर जिले के अहिरौली थाना अंतर्गत ग्राम चक कोदार का निवासी था। 27 मई को लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड में वह मुख्य शूटर के तौर पर शामिल था। वारदात को अंजाम देने के बाद से ही वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
संजय उर्फ संजीव का आपराधिक इतिहास काफी लंबा और भयावह रहा है। वह खान मुबारक गैंग का एक सक्रिय और खूंखार सदस्य था। उस पर न केवल बिल्डर हत्याकांड का आरोप था, बल्कि उसने प्रदेश भर में कई अन्य सनसनीखेज वारदातों को भी अंजाम दिया था। उसके खिलाफ हत्या, लूट और रंगदारी जैसे कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। इस एनकाउंटर को पुलिस की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।


