सीबीएसई मैथ्स पेपर में ‘रिकरोल’ प्रैंक: क्यूआर कोड स्कैन करते ही बज उठा अंग्रेजी गाना, बोर्ड ने दी सफाई

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नई दिल्ली/नोएडा: सोमवार को आयोजित हुई केंद्रीय माध्यमिक माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा की गणित की परीक्षा एक अजीबोगरीब विवाद के कारण चर्चा में आ गई है। प्रश्न पत्र पर छपे एक क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन करने पर छात्र और अभिभावक उस वक्त हैरान रह गए, जब वह उन्हें किसी शैक्षणिक सामग्री के बजाय मशहूर ब्रिटिश गायक रिक एस्टली के गाने “Never Gonna Give You Up” के यूट्यूब वीडियो पर ले गया। इंटरनेट की भाषा में इसे एक मशहूर प्रैंक ‘रिकरोल’ (Rickroll) कहा जाता है।

​सीबीएसई का स्पष्टीकरण: सुरक्षा पूरी तरह बरकरार

​इस मामले पर मंगलवार को आधिकारिक विज्ञप्ति जारी करते हुए सीबीएसई ने पुष्टि की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा प्रश्न पत्र पूरी तरह असली है। बोर्ड ने साफ किया कि क्यूआर कोड का इस्तेमाल प्रश्न पत्रों की प्रामाणिकता जांचने के लिए किया जाता है। हालांकि कोड के गलत लिंक पर ले जाने को बोर्ड ने गंभीरता से लिया है और आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी तकनीकी त्रुटि दोबारा नहीं होगी।सीबीएसई ने छात्रों को आश्वस्त किया कि परीक्षा की सुरक्षा और गोपनीयता से कोई समझौता नहीं हुआ है।

​सेक्शन D और कैलकुलस ने परीक्षा में डाला ‘विघ्न’

​परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले छात्रों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। अधिकांश छात्रों और शिक्षकों के अनुसार, पेपर का स्तर मध्यम से कठिन की श्रेणी में था।

नोएडा के केंब्रिज स्कूल के छात्र गणेश शर्मा और आदित्य ने बताया कि बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) आसान थे, लेकिन सेक्शन C और D में कैलकुलस के लंबे सवालों और केस स्टडी ने काफी समय खराब किया।

​गाजियाबाद के स्कूलों में भी स्थिति वैसी ही रही। छात्रा स्वाति गौतम के मुताबिक, एक-एक अंक वाले प्रश्नों ने भी काफी उलझाया, जिसके कारण बड़े सवालों के लिए समय कम पड़ गया।

​समय प्रबंधन बना बड़ी चुनौती

​इंजीनियरिंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए यह परीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण थी। दिल्ली के सोनिया विहार की छात्राओं तनिष्का और कोमल ने बताया कि सेक्शन D में गणनाएं (Calculations) इतनी लंबी थीं कि आखिरी घंटे में समय का प्रबंधन करना नामुमकिन हो गया था। गणित शिक्षक मुकेश कुमार ने भी माना कि पेपर संतुलित होने के बावजूद कुछ हिस्सों में काफी पेचीदा था, जिससे औसत छात्रों को परेशानी हुई।