मथुरा। उत्तर प्रदेश का ब्रज क्षेत्र अब धार्मिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर एक नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। योगी सरकार के ‘आस्था और अर्थव्यवस्था’ के सफल मॉडल ने मथुरा-वृंदावन को श्रद्धालुओं की पहली पसंद बना दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले तीन सालों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में जो उछाल आया है, वह हैरान करने वाला है।
आंकड़ों की जुबानी: आस्था का सैलाब
ब्रज क्षेत्र में सुरक्षा और सुविधाओं के विस्तार का सीधा असर श्रद्धालुओं की संख्या पर दिख रहा है:
साल 2023: 7.79 करोड़ श्रद्धालु
साल 2024: 9 करोड़ से अधिक श्रद्धालु
साल 2025: 10.2 करोड़ (ऐतिहासिक रिकॉर्ड)
अर्थव्यवस्था का ‘इंजन’ बना धार्मिक पर्यटन
श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ ने स्थानीय बाजारों में नई जान फूंक दी है। होटल, होम-स्टे, रेस्टोरेंट और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिल रहा है। ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान के तहत स्थानीय हस्तशिल्प, प्रसाद उद्योग और फूल-माला विक्रेताओं की आय में कई गुना वृद्धि हुई है।
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ट्रेवल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव तिवारी के अनुसार, वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण अब पर्यटक यहां न केवल ज्यादा संख्या में आ रहे हैं, बल्कि उनका स्टे (रुकने का समय) भी बढ़ा है।
योगी सरकार का ‘ब्रज विजन’
सड़कों का चौड़ीकरण, यमुना एक्सप्रेसवे से बेहतरीन कनेक्टिविटी, घाटों का सौंदर्यीकरण और आधुनिक पार्किंग व्यवस्था ने मथुरा पहुंचने की राह आसान कर दी है। आध्यात्मिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक सुविधाओं के इस मेल ने रियल एस्टेट और एमएसएमई (MSME) सेक्टर के लिए भी नए रास्ते खोल दिए हैं, जिससे हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है।

