बरेली में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘चूड़ियों’ से विरोध: सफाईकर्मी ने स्वास्थ्य अधिकारी पर फेंकी चूड़ियां, कांग्रेस ने वीडियो शेयर कर योगी सरकार को घेरा

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बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने प्रशासनिक भ्रष्टाचार और वेतन कटौती को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी भानुप्रकाश के साथ हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दल उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने योगी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सफाईकर्मी द्वारा अधिकारी के मुंह पर चूड़ियां फेंके जाने की इस घटना को सिस्टम के खिलाफ एक बड़े ‘विरोध’ के रूप में देखा जा रहा है।

​क्या है पूरा मामला?

वायरल हो रहे वीडियो में एक सफाईकर्मी का आक्रोश साफ झलक रहा है। सफाईकर्मी ने आरोप लगाया है कि उसे 13,000 रुपये प्रति माह का वादा करके काम पर रखा गया था, लेकिन उसे केवल 7,500 रुपये ही दिए जा रहे हैं। अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा काटे जाने से व्यथित सफाईकर्मी ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी भानुप्रकाश के समक्ष अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उनके मुंह पर चूड़ियां फेंककर मारीं। सफाईकर्मी का तर्क था कि जब काम पूरा लिया जा रहा है, तो फिर वेतन में कटौती क्यों की जा रही है?

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने इस घटना का वीडियो साझा करते हुए योगी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों पर कड़ा प्रहार किया है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, “खून-पसीना हमारा, आधी तनख्वाह तुम्हारी… नहीं चलेगी यह तानाशाही! बरेली की यह तस्वीर भाजपा सरकार के दावों की धज्जियां उड़ा रही है। जब खून-पसीना बहाने वाले सफाईकर्मियों का हक मारकर अधिकारी अपनी जेबें भरने लगें, तो सब्र का बांध टूटना लाजमी है।”

​कांग्रेस ने आगे सरकार से तीखे सवाल करते हुए पूछा है, “क्या योगी सरकार इन भ्रष्ट अधिकारियों पर बुलडोजर चलाएगी या फिर गरीबों का हक ऐसे ही मारा जाता रहेगा?”

​भ्रष्टाचार पर उठा बड़ा सवाल

यह घटना न केवल बरेली, बल्कि पूरे प्रदेश के सफाईकर्मियों की दयनीय स्थिति और उनके शोषण की ओर इशारा करती है। सफाईकर्मियों के वेतन में गड़बड़ी और अधिकारियों द्वारा कथित रूप से कमीशनखोरी की शिकायतों के बीच, इस तरह का विरोध प्रदर्शन सिस्टम के भीतर फैले भ्रष्टाचार पर एक करारा तमाचा माना जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ कोई जांच बिठाई जाती है या नहीं।

फिलहाल, इस घटना ने बरेली के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है और सफाईकर्मी के हक के लिए आवाजें उठनी शुरू हो गई हैं।