नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को 10 जनपथ स्थित अपने आवास पर पुलिस हिरासत से छूटे कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों और एनएसयूआई (NSUI) कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए युवाओं ने पुलिस पर गंभीर प्रताड़ना और मारपीट के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद एनएसयूआई की एक महिला कार्यकर्ता ने रोते हुए बताया कि हिरासत में लेने के बाद उनके साथ अमानवीय बर्ताव किया गया और थाने के भीतर भी उन्हें बुरी तरह पीटा गया।
“हम किसी को नहीं बख्शेंगे, चाहे वो पीएम हों या गृहमंत्री”
युवाओं की पीड़ा सुनने के बाद राहुल गांधी आक्रामक नजर आए। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यह देश की आवाज है, एक लोकतांत्रिक विरोध है और इसे दबाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि इस दमनकारी रवैये को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राहुल गांधी ने सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “हम किसी को नहीं बख्शेंगे—चाहे वह देश के गृहमंत्री अमित शाह हों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या अन्य अधिकारी। समय आने पर सभी पर कड़ी कार्रवाई होगी।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस जन-आवाज के सामने आने की गलती न करें, क्योंकि इसके आगे कोई नहीं टिक सकता।
”यह हिंदुस्तान है, यहां सिर्फ एक आवाज है”
प्रेस को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने देश की मूल भावना को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह को ध्यान से देखना चाहिए कि यह असल में हिंदुस्तान है। इस देश में न कोई हिंदू है, न मुसलमान, न कोई पुरुष है और न ही कोई महिला; यहां तक कि कोई जाति विशेष भी नहीं है। यहां सिर्फ एक आवाज और एक विरोध है, और यही सच्चा हिंदुस्तान है।
वीडियो सबूतों को संभालकर रखने की अपील
राहुल गांधी ने देश के युवाओं और छात्रों से अपील की कि वे पुलिसिया कार्रवाई और दुर्व्यवहार से जुड़े सभी वीडियो व डिजिटल सबूतों को सुरक्षित संभालकर रखें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जब यह पूरा प्रकरण समाप्त होगा, तो इन ठोस सबूतों के आधार पर ऊपर से लेकर नीचे तक सभी दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस मामले में एफआईआर कैसे दर्ज करानी है और कानूनी दबाव कैसे बनाना है, इसकी फिक्र वे न करें, यह उनका अपना काम है।
