आगरा। शहर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत चल रही ई-बस सेवा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। ईदगाह-फतेहपुर सीकरी रूट पर संचालित एक ई-बस का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है, जिसमें एक यात्री ने परिचालक पर किराया वसूलने के बावजूद टिकट न देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और राजस्व की पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो में परिचालक का ‘हिसाब’ वाला तर्क
वायरल वीडियो में यात्री बस परिचालक से टिकट न देने का कारण पूछता नजर आता है। जवाब में परिचालक बेबाकी से कहता है कि “हमें रोज शाम को हिसाब देना होता है।” वहीं, जब यात्री ने दो महिला यात्रियों को टिकट न दिए जाने पर सवाल किया, तो परिचालक ने सफाई दी कि उन्होंने पूरा किराया नहीं दिया है, वे ‘रोज की सवारी’ हैं। यात्री का आरोप है कि परिचालक द्वारा नियमों को ताक पर रखकर मनमानी की जा रही है और बिना टिकट यात्री ढोकर विभाग के राजस्व को चूना लगाया जा रहा है।
जांच की मांग तेज, विभाग की चुप्पी
इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर आक्रोश देखने को मिल रहा है। आम नागरिक और यात्री ई-बस सेवा में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच और संबंधित परिचालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि टिकट न देना न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान है, बल्कि यात्रियों के अधिकारों का भी खुला उल्लंघन है।
हालांकि, वर्तमान में वायरल वीडियो में किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि होना शेष है। ई-बस संचालन एजेंसी और परिवहन विभाग की ओर से इस प्रकरण पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए विभाग क्या कदम उठाता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।


