पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बना ‘रणभूमि’: सुखोई और मिराज की गर्जना से थर्राया सुल्तानपुर, वायुसेना का महा-युद्धाभ्यास

Regional

सुलतानपुर। भारतीय वायुसेना (IAF) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अपनी रणनीतिक मारक क्षमता और परिचालन दक्षता का लोहा मनवाया। जिले के अखलीकिरी करवत गांव के पास स्थित 3.2 किलोमीटर लंबी विशेष एयरस्ट्रिप पर आज दोपहर 2:30 बजे से लड़ाकू विमानों का रोमांचक युद्धाभ्यास शुरू हुआ। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों में राष्ट्रीय राजमार्गों को वैकल्पिक रनवे के रूप में उपयोग करने की क्षमता को परखना है।

सुखोई से लेकर तेजस तक: आसमान में दिखा पराक्रम

एयर शो का आगाज वायुसेना के अत्याधुनिक सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की सफल लैंडिंग के साथ हुआ। इसके तुरंत बाद जगुआर ने आसमान चीरते हुए उड़ान भरी। इस युद्धाभ्यास में सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, जगुआर और स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस जैसे घातक फाइटर जेट्स अपनी गर्जना से क्षेत्र को गुंजायमान कर रहे हैं। दो चरणों में रात 9:00 बजे तक चलने वाले इस अभ्यास में कुल 9 फाइटर जेट्स टेकऑफ और लैंडिंग (टच-एंड-गो) के करतब दिखा रहे हैं। साथ ही एएन-32 जैसे परिवहन विमानों की लैंडिंग क्षमता को भी जांचा जा रहा है।

रणनीतिक रूप से क्यों खास है यह एयरस्ट्रिप?

यह वही एयरस्ट्रिप है जिसका उद्घाटन 16 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उस समय पीएम खुद विशालकाय ‘हरक्युलिस’ विमान से इसी पट्टी पर उतरे थे। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने एक्सप्रेस-वे का 12 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह सील कर दिया है और यातायात को 1 मई तक के लिए डायवर्ट किया गया है। भारी सुरक्षा घेरे के बीच हजारों की संख्या में स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं।

युद्ध की स्थिति में गेम-चेंजर साबित होंगे ये हाईवे

वायुसेना के विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध के दौरान दुश्मन सबसे पहले पारंपरिक एयरबेस और रनवे को निशाना बनाता है। ऐसी स्थिति में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जैसे वैकल्पिक रनवे वायुसेना की सक्रियता बनाए रखने में संजीवनी का काम करते हैं। इससे न केवल त्वरित जवाबी कार्रवाई संभव है, बल्कि दुर्गम क्षेत्रों में रसद आपूर्ति और बचाव कार्यों में भी गति आती है।

देशभर में 28 स्थानों पर नजर

भारतीय वायुसेना ने हाल के दिनों में एलएसी (LAC) से लेकर पूर्वोत्तर तक इस तरह के अभ्यासों की आवृत्ति बढ़ा दी है। रक्षा मंत्रालय का लक्ष्य देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऐसे 28 रणनीतिक स्थान विकसित करना है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर तत्काल ‘युद्धकालीन रनवे’ में बदला जा सके। सुल्तानपुर का यह युद्धाभ्यास न केवल सैन्य तैयारियों का हिस्सा है, बल्कि नागरिक प्रशासन और वायुसेना के बीच आपातकालीन समन्वय की एक बड़ी परीक्षा भी है।