​’2027 के विधानसभा चुनाव की प्रस्तावना लिख दी है’: वाराणसी चुनाव नतीजों के बाद बोले सपा प्रमुख अखिलेश यादव

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वाराणसी/लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनावों में वाराणसी सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तीखा पोस्ट कर बीजेपी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने वाराणसी के नतीजों को ‘फ्लॉप शो’ और ‘डबल इंजन की डबल हार’ करार देते हुए दावा किया है कि यह परिणाम वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पूरी पटकथा या प्रस्तावना लिख रहे हैं।

“काउंटिंग और री-काउंटिंग, दोनों में हारी बीजेपी”

​अखिलेश यादव ने अपने बयान में वाराणसी में हुई मतगणना का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि सत्ताधारी दल पहले मतगणना (Counting) में हारा और उसके बाद दोबारा हुई री-काउंटिंग (Re-counting) में भी उसे शिकस्त का सामना करना पड़ा।

उन्होंने इसे जनता का स्पष्ट जनादेश बताते हुए कहा “यह चुनाव परिणाम एक तरफ भाजपा की शिक्षक, शिक्षार्थी व शिक्षा विरोधी नीतियों की करारी हार है, तो दूसरी तरफ अपने भविष्य को लेकर गहरे संकट में फंसे पढ़े-लिखे बेरोजगार स्नातकों का तीखा फैसला है।”

​’जो पीड़ित, वो पीडीए’ का नारा और बीजेपी पर गुटबाजी का आरोप

​सपा प्रमुख ने अपने मुख्य राजनीतिक हथियार ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का दायरा बढ़ाते हुए दावा किया कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों के कारण समाज का हर वर्ग पीड़ित, दुखी और अपमानित महसूस कर रहा है। इसी उत्पीड़न के चलते अब सभी पीड़ित वर्ग एकजुट हो चुके हैं, जिससे पीडीए का जनाधार बढ़कर 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

​इसके साथ ही, अखिलेश यादव ने बीजेपी के भीतर अंदरूनी कलह और गुटबाजी का दावा भी किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के अंदर हालात इतने खराब हैं कि 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अब बीजेपी को उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं “जो पार्टी पहले उम्मीदवारों का सर्वे करा रही थी, उसे अब दूरबीन लेकर प्रत्याशी ढूंढने पड़ रहे हैं। बीजेपी की टिकट की खिड़की पूरी तरह खाली हो चुकी है।”

​विजयी प्रत्याशियों को बधाई और निगरानी करने वाले युवाओं का आभार

​अखिलेश यादव ने चुनाव में जीत हासिल करने वाले समाजवादी पार्टी के सभी प्रत्याशियों को बधाई दी। साथ ही, उन उम्मीदवारों का भी विशेष अभिनंदन किया जिन्हें कथित तौर पर प्रशासनिक चालबाजी और जालसाजी के कारण हराया गया। उन्होंने कहा कि उनके लिए वे सभी प्रत्याशी भी बिना सर्टिफिकेट के विजेता हैं।

अपने संदेश के अंत में सपा प्रमुख ने प्रदेश के शिक्षक वर्ग और अपने भविष्य को लेकर चिंतित युवाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने न सिर्फ पार्टी के पक्ष में मतदान किया, बल्कि मतगणना के दौरान भी पूरी मुस्तैदी से निगरानी रखी और प्रमाण पत्र मिलने तक डटे रहे। यही सजगता और एकजुटता साल 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने की ‘निर्णायक नींव’ बनेगी।