पेरिस: फ्रांस इस समय महंगे जीवन यापन (कॉस्ट ऑफ लिविंग) के खिलाफ जन-आक्रोश की आग में सुलग रहा है। राजधानी पेरिस समेत देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक और हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। इस बीच, लिमोगेस शहर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ हिंसक झड़पों के दौरान 143 साल पुराना ऐतिहासिक टाउन हॉल भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह ढह गया।
ऐतिहासिक टाउन हॉल जलकर खाक, विरासत को भारी नुकसान
वर्ष 1873 में बनाई गई और प्रथम विश्व युद्ध जैसी आपदाओं को झेल चुकी इस ऐतिहासिक इमारत का उद्घाटन 1883 में हुआ था। लेकिन हालिया हिंसक प्रदर्शनों के दौरान यह सुरक्षित नहीं बच सकी। रिपोर्ट के मुताबिक, लिमोगेस का यह टाउन हॉल बुरी तरह नष्ट हो चुका है, जिसे देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति और आपदा करार दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उग्र प्रदर्शनकारियों ने पहले टाउन हॉल के बाहर खड़ी पुलिस की गाड़ी को निशाना बनाया, उसमें आग लगाई और खिड़कियां तोड़ीं। इसके बाद वे जबरन इमारत के अंदर घुस गए और इसे आग के हवाले कर दिया। आग बुझाने के लिए अब घटनास्थल पर फायरब्रिगेड की टीमें तैनात की गई हैं।
फ्रांस में व्यापक हिंसा और लगभग 1200 गिरफ्तारियां
फ्रांस के गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को हुए इन विरोध प्रदर्शनों में करीब साढ़े पाँच लाख लोगों ने हिस्सा लिया, जबकि सीजीटी यूनियन का दावा है कि इसमें लगभग 8 लाख प्रदर्शनकारियों ने भागीदारी की। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा और आगजनी के मामलों में अब तक करीब 1200 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
फ्रांस के कई शहरों में बड़े पैमाने पर लूटपाट, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने नकाबपोश प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का जमकर इस्तेमाल किया। उपद्रवियों ने पेरिस में सड़कों पर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। ल्योन शहर में प्रदर्शनकारियों ने एक टूरिस्ट ऑफिस को फूंक दिया, जबकि मार्सिले और लिले के टाउन हॉल तथा बोर्डों में एक पुलिस परिसर को भी निशाना बनाया गया।
पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोइरे ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि राजधानी की कई सड़कें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। वहीं, देश के राष्ट्रपति ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि उपद्रव और हिंसा फैलाने वाले सभी लोगों पर कड़ा मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें सजा दी जाएगी।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट और जेडी वेंस की तीखी प्रतिक्रिया
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय ने बताया है कि पेरिस के अलावा रेनेस, टूलूज और एंगर्स जैसे शहरों में नकाबपोश अल्ट्रा-वामपंथी प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए थे। इन समूहों ने ल्योन, मोंटपेलियर और वैलेंस में सड़क किनारे रखे सामानों को जलाने के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्तियों और दुकानों में जमकर लूटपाट की।
इस बीच, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ्रांस की इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिमी लिबरल्स (उदारवादियों) को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि पश्चिमी उदारवादियों ने विविधता और करुणा के नाम पर फ्रांस व अन्य देशों में तीसरी दुनिया के लोगों को लाकर बसा दिया, लेकिन समाज में घुलने-मिलने और अनुकूलता जैसे बुनियादी पहलुओं को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि वह प्रार्थना करते हैं कि अद्भुत लोगों से भरा सुंदर फ्रांस इस पागलपन को रोके, इससे पहले कि उसकी सारी ऐतिहासिक विरासत जलकर राख हो जाए।
