अडानी मुद्दे पर संसद परिसर में विपक्षी दलों ने किया विरोध प्रदर्शन, सोनिया गांधी भी शामिल

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बता दें कि बीजेपी भी राहुल गांधी से लंदन वाले बयान पर माफ़ी की मांग कर रही है। शुक्रवार सुबह ही बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस और राहुल पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी जब आप भारत के आंतरिक मामलों में किसी दूसरे देश के दखल की मांग करते हैं, तो आपका इरादा क्या है? किसी दूसरे देश द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की मांग करना भारत की संप्रभुता पर हमला है। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि यूरोप और अमेरिका से भारत के घरेलू मामलों में दखल देने के पीछे उनकी क्या मंशा है?”

जेपी नड्डा ने कहा, “राहुल गांधी जी, भारत लोकतंत्र की जननी है। दुनिया की कोई ताकत भारत की लोकतांत्रिक विरासत को नुकसान नहीं पहुंचा सकती। आज देश में आपकी पार्टी की कोई नहीं सुनता, जनता आप पर भरोसा नहीं करती। यही कारण है कि आपकी पार्टी का लगभग सफाया हो गया है। इटली के पीएम ने पीएम मोदी को ‘मोस्ट लवेबल’ पीएम कहा है। विश्व बैंक से लेकर आईएमएफ तक सभी भारत में विकास की सराहना कर रहे हैं। जर्मन चांसलर ने कहा है कि भारत का विकास अविश्वसनीय है। जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई और सऊदी अरब भारत के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना कर रहे हैं। लेकिन राहुल गांधी, आप देश का अपमान कर रहे हैं।”

वहीं जेपी नड्डा के आरोपों पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “वे (BJP) खुद देशद्रोही हैं। उन्होंने कभी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया और वे दूसरों को देशद्रोही कह रहे हैं। वे बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दों से भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। क्या राहुल गांधी कभी देशद्रोही हो सकते हैं? क्या लोकतंत्र पर बहस करने वाले देशद्रोही हैं? मैं जेपी नड्डा के बयान की निंदा करता हूं। वे राहुल गांधी को संसद में बोलने का मौका क्यों नहीं दे रहे हैं?”

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने जेपी नड्डा के आरोपों पर कहा, “संवैधानिक पदों पर आसीन लोग इस बात पर चर्चा की मांग कर रहे हैं कि क्या हम संसद में सूचनाओं को मुक्त रख सकते हैं। अनुच्छेद 105 संसद सदस्यों को संसद की मेज पर कुछ भी कहने की स्वतंत्रता देता है।”

Compiled: up18 News