आगरा: ताजनगरी के आलू भंडारण और कोल्ड स्टोरेज उद्योग को सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में, उद्यान विभाग आगरा के तत्वावधान में मंगलवार को सूर सदन ऑडिटोरियम में शीत गृह स्वामियों और उनके तकनीकी कर्मचारियों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य संयंत्रों के आधुनिक रखरखाव, अमोनिया गैस रिसाव से बचाव और अग्निशमन की बारीकियों से अवगत कराना था।
दिग्गज विशेषज्ञों ने साझा किए सुरक्षा मंत्र
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग रहे। विशिष्ट अतिथियों में मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) देवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह, असिस्टेंट डायरेक्टर फैक्ट्रीज लीना भाटिया और असिस्टेंट लेबर कमिश्नर शगुन उमर सहित पर्यावरण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। आगरा और ग्रामीण कोल्ड स्टोरेज ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्षों ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।
लाइव डेमो: कैसे बुझाएं आग और कैसे बचें गैस से?
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कार्यशाला में मौजूद मशीन रूम स्टाफ को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने विस्तार से बताया कि अमोनिया गैस के रिसाव जैसी आपात स्थिति में क्या कदम उठाने चाहिए।
अधिकारियों ने ऑडिटोरियम परिसर में प्रायोगिक प्रदर्शन (Practical Demonstration) के माध्यम से अग्निशमन उपकरणों को चलाने का सही तरीका समझाया। उन्होंने चेतावनी दी कि संयंत्रों का नियमित रखरखाव ही बड़े हादसों को टालने का एकमात्र रास्ता है।
वीडियो प्रशिक्षण और क्लस्टर वर्कशॉप का सुझाव
मुख्य अतिथि राकेश गर्ग ने सुझाव दिया कि आज के प्रशिक्षण की एक वीडियो क्लिप तैयार कर सभी कोल्ड स्टोरेजों को भेजी जाए, ताकि जो कर्मचारी यहाँ नहीं आ सके, वे भी प्रशिक्षित हो सकें। वहीं, आगरा कोल्ड स्टोरेज ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए मांग की कि भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्रवार क्लस्टर के रूप में आयोजित किए जाएं, जिस पर प्रशासन ने अपनी सहमति जताई।
आलू निकासी और श्रमिक सुरक्षा पर चर्चा
कार्यशाला में न केवल तकनीकी पहलुओं बल्कि कोल्ड स्टोरेजों से आलू निकासी के दौरान आने वाली चुनौतियों और श्रम विभाग के नियमों पर भी चर्चा की गई। अंत में जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण से जनपद के शीत गृहों की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा।

