आगरा/मेरठ: मेरठ के सकोती गांव में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा अनावरण का कार्यक्रम अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया है। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद राजकुमार चाहर ने इस आयोजन को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल पर सीधा हमला बोला है। चाहर ने आरोप लगाया कि महापुरुष के सम्मान के नाम पर सजाए गए सामाजिक मंच का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ ‘जहर’ उगलने के लिए किया गया।
भगवंत मान और बेनीवाल पर ‘अशोभनीय’ टिप्पणी का आरोप
सांसद राजकुमार चाहर ने कड़े शब्दों में कहा कि मुख्य अतिथि के रूप में आए पंजाब के सीएम भगवंत मान ने पीएम मोदी पर जो अशोभनीय टिप्पणियां कीं, वे न केवल अमर्यादित हैं बल्कि जाट, किसान और पूरे हिंदू समाज का अपमान हैं। वहीं, हनुमान बेनीवाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान के सांसद ने एक सामाजिक मंच से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को हटाने जैसी बातें कर आयोजन की शुचिता को नष्ट कर दिया। चाहर के अनुसार, यह जाट समाज को बांटने की एक गहरी और सोची-समझी साजिश है।
“महाराजा सूरजमल को जातियों में न बांटें”
चाहर ने कार्यक्रम के दौरान महाराजा सूरजमल के नाम के साथ ‘जाट’ शब्द जोड़ने की मांग पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “महाराजा सूरजमल जी किसी एक जाति के नहीं, बल्कि समूचे हिंदू समाज के गौरव और रक्षक हैं। उनके विराट व्यक्तित्व को एक जातीय दायरे में समेटने की कोशिश उनका अपमान है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराजा साहब का संघर्ष और बलिदान पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा है, उन्हें सीमित पहचान देना अनुचित है।
आयोजकों की ‘मौन’ सहमति पर उठाए सवाल
सांसद ने केवल नेताओं को ही नहीं, बल्कि कार्यक्रम के आयोजकों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंच से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ अनर्गल प्रलाप किया जा रहा था, तब आयोजक और वहां मौजूद भाजपा से जुड़े जिम्मेदार लोग चुप क्यों रहे? चाहर ने इसे ‘राजनीतिक षड्यंत्र’ करार देते हुए मांग की कि भगवंत मान, हनुमान बेनीवाल और आयोजकों को इस कृत्य के लिए हिंदू समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
“जाट-किसान समाज भाजपा के साथ अडिग”
राजकुमार चाहर ने दावा किया कि समाज को बांटने की कोशिश करने वाले नेता कभी सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और देश का जाट-किसान समाज पूरी मजबूती के साथ प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के साथ खड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि महापुरुषों की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों को जनता करारा जवाब देगी और सनातन धर्म व हिंदू समाज को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

