गणेश महोत्सव का दूसरा दिन: स्वर्ण मुकुट, कुंडल और लाल वस्त्रों में सजे महागणपति के दिव्य स्वरूप ने मोहा भक्तों का मन

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आगरा। छलेसर रोड स्थित श्री वरद वल्लभा महागणपति मंदिर में चल रहे 12 दिवसीय पंचम गणेश महोत्सव के द्वितीय दिवस भगवान श्री वरद वल्लभा महागणपति का भव्य एवं मनोहारी श्रृंगार किया गया। भगवान को लाल वस्त्र धारण कराए गए और स्वर्ण मुकुट, कुंडल सहित आकर्षक स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित किया गया। मस्तक पर ओम का तिलक भगवान के दिव्य स्वरूप की आभा को और बढ़ा रहा था। विशेष श्रृंगार के दर्शन के लिए श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान गणपति के समक्ष पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन भगवान का अलग-अलग स्वरूप में नित्य भव्य श्रृंगार और फूल बंगला सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन हो रहा है। महोत्सव का प्रमुख आकर्षण 101 किलो मेवा मोदक रहेगा, जिसके श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन होंगे।

नित्य अभिषेक से लेकर महाआरती तक धार्मिक अनुष्ठान
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित लखन दीक्षित और प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातः 7:30 बजे नित्य अभिषेक सेवा होगी। इसके बाद भगवान का वस्त्र श्रृंगार और फल सेवा की जाएगी। दिनभर विभिन्न भोग सेवाओं के साथ भोग आरती का आयोजन होगा।

उन्होंने बताया कि महोत्सव में प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल महागणपति हवन भी किया जा रहा है। सायं 6 बजे सहस्रनाम अर्चना और 7 बजे महाआरती होगी। रात्रि 9 बजे शयन आरती के साथ नित्य सेवा संपन्न होगी।

मंदिर के संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने कहा कि गणेश महोत्सव के प्रत्येक दिन भगवान के श्रृंगार में नया आकर्षण देखने को मिलेगा। भक्तों को अलग-अलग स्वरूपों में महागणपति के दर्शन कराने की विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि भगवान गणपति के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था को उत्सव के माध्यम से भव्य रूप देना ही महोत्सव का उद्देश्य है।