आगरा (19 फरवरी, 2026): आगरा किले की ऐतिहासिक प्राचीर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज देश के शैक्षिक और सांस्कृतिक नैरेटिव को बदलने वाला एक बड़ा बयान दिया। छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘शिवजयंती महोत्सव’ को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पाठ्यपुस्तकों में मुगल साम्राज्य के बजाय ‘स्वराज और स्वाभिमान’ का इतिहास प्रमुखता से पढ़ाया जाएगा।
इतिहास की विसंगतियों पर प्रहार:
मुख्यमंत्री फडणवीस ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले सात दशकों तक एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों में मुगल साम्राज्य को 17 पन्ने दिए गए, जबकि मराठा साम्राज्य को महज एक पैराग्राफ में समेट दिया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए बताया कि नई पाठ्यचर्या में मराठा साम्राज्य को अब 20 पृष्ठों का उचित स्थान मिला है। उन्होंने कहा, “ब्रिटिश काल में योजनाबद्ध तरीके से हटाए गए गौरवशाली इतिहास को अब पुनः स्थापित किया जा रहा है।”
2030 के लिए ‘मिशन 400’:
मुख्यमंत्री ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि वर्ष 2030 में जब छत्रपति शिवाजी महाराज की 400वीं जयंती मनाई जाएगी, तब आगरा किले में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उन्होंने आगरा किले को उस स्वाभिमान की भूमि बताया जहाँ शिवाजी महाराज ने औरंगजेब की आंखों में आंखें डालकर चुनौती दी थी।
कोठी मीना बाजार में बनेगा भव्य संग्रहालय:
संग्रहालय की प्रगति पर जानकारी देते हुए फडणवीस ने बताया कि आगरा के कोठी मीना बाजार में प्रस्तावित शिवाजी महाराज के स्मारक और संग्रहालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सहयोग की सराहना की।

