लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत आयोजित एक बेहद भव्य ‘अनुदेशक सम्मान समारोह’ एवं चेक वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत राज्य के 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में की गई ऐतिहासिक वृद्धि के उपलक्ष्य में इस विशेष गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस खास अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाल वाटिका से लेकर कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए एक ‘समग्र रिपोर्ट कार्ड’ (होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड) का भी विधिवत विमोचन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश का एक भी बच्चा शिक्षा के उजियारे से वंचित न रहे, यह हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा के माध्यम से राज्य की नई पीढ़ी को हर प्रकार से सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
मानदेय बढ़कर हुआ ₹17,000, मिलेगा ₹5 लाख का मुफ्त कैशलेस स्वास्थ्य बीमा
अनुदेशकों के कल्याण के लिए बड़ा एलान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब सभी अंशकालिक अनुदेशकों को ₹17,000 का बढ़ा हुआ मानदेय दिया जा रहा है। इसके साथ ही, उनके सामाजिक और पारिवारिक जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार उन्हें ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) का भारी-भरकम स्वास्थ्य बीमा कवर भी मुफ्त में उपलब्ध कराने जा रही है। यह कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा सभी अनुदेशकों के साथ-साथ उनके पूरे परिवार को प्रदान की जाएगी।
शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने आगे कहा कि यदि समाज में एक भी बच्चा शिक्षा हासिल करने से वंचित रह जाता है, तो उसका दूरगामी और बेहद नकारात्मक दुष्परिणाम केवल उस परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और पूरे देश को भुगतना पड़ता है। इसलिए यह हम सभी नागरिकों और व्यवस्था का परम दायित्व है कि प्रत्येक बच्चा विद्यालय अवश्य जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा दायित्व है कि हर बच्चा स्कूल की दहलीज तक जरूर पहुंचे और प्रदेश की डबल इंजन सरकार इस उत्तरदायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी और अटूट प्रतिबद्धता के साथ जमीनी स्तर पर कर रही है।
नीति आयोग ने माना लोहा: देश के सामने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ बना सक्सेस स्टोरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ की सफलता का लोहा अब देश की शीर्ष संस्था नीति आयोग ने भी माना है। नीति आयोग ने इस अभियान को पूरे देश के समक्ष एक शानदार ‘सक्सेस स्टोरी’ के रूप में प्रस्तुत किया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के माध्यम से आज बेसिक शिक्षा परिषद के सरकारी विद्यालयों में वे सभी आधुनिक और बुनियादी सुविधाएं बेहद सुलभता से उपलब्ध हो रही हैं, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं, शिक्षकों की कार्यशैली की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं तथा सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए बेहद जरूरी थीं। इसके साथ ही, स्कूलों में बच्चों के बीच होने वाले ‘ड्रॉपआउट रेट’ (पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर) को नियंत्रित करने की दिशा में भी ये हाईटेक सुविधाएं अत्यंत प्रभावी और गेमचेंजर साबित हुई हैं।
बेरोजगारों के लिए खुशखबरी: नगरीय क्षेत्रों में होगी 10,000 नए शिक्षकों की बंपर भर्ती
समारोह के मंच से युवाओं को रोजगार की बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और बड़ा और महत्वपूर्ण एलान किया। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विशेष रूप से नगरीय (शहरी) क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए 10,000 नए शिक्षकों की सीधी भर्ती हेतु संबंधित चयन बोर्ड को आधिकारिक अधियाचन (रिक्विजिशन) भेजा जा चुका है।
बहुत ही शीघ्र और पारदर्शी तरीके से इसके लिए आधिकारिक नियुक्ति प्रक्रिया भी धरातल पर प्रारंभ कर दी जाएगी।
इसके साथ ही, राज्य के उच्च प्राथमिक विद्यालयों (अपर प्राइमरी स्कूलों) में भी खाली चल रहे अनुदेशकों के पदों की नियुक्ति प्रक्रिया को इसी आगामी भर्ती अभियान से जोड़ने की ठोस कानूनी व प्रशासनिक कार्यवाही तेज गति से की जा रही है, ताकि स्कूलों में शिक्षकों और अनुदेशकों की कमी को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।


