लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे पॉश इलाके गोमती नगर में रविवार की सुबह उस समय हड़कंप और भारी अफरा-तफरी मच गई, जब विनीतखंड-5 स्थित पानी की टंकी पर एक महिला अचानक ऊपर चढ़ गई। महिला को ऊंचाई पर खड़े देखकर आसपास के लोग और राहगीर बुरी तरह घबरा गए। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय गोमती नगर थाना पुलिस और दमकल (फायर ब्रिगेड) विभाग की संयुक्त टीम तुरंत भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची।
पुलिस प्रशासन के कड़े और अथक प्रयासों तथा करीब पांच घंटे तक चली लंबी ‘मान-मनौव्वल’ के बाद आखिरकार महिला को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।
प्रेम विवाह के बाद पति के अचानक छोड़ जाने से आहत थी महिला
गोमती नगर के इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ और जांच में सामने आया है कि मूल रूप से अयोध्या के खंडासा की रहने वाली महिला ने कुछ समय पहले लखीमपुर खीरी के निघासन निवासी राम अनुग्रह प्रजापति से प्रेम विवाह (लव मैरिज) किया था। शादी के बाद से ही महिला अपने पति राम अनुग्रह के साथ गोमती नगर के विनीतखंड-5 में एक किराए के मकान में रह रही थीं।
महिला का आरोप है कि बीते गुरुवार को उनका पति राम अनुग्रह अचानक उन्हें इसी मकान में अकेला छोड़कर कहीं चला गया। इसके बाद महिला ने अपने स्तर से पति से संपर्क करने की बार-बार कोशिश की, लेकिन न तो उसका फोन लगा और न ही उससे कोई बात हो सकी। पति के इस रवैये और अनहोनी की आशंका से बेहद आहत और मानसिक रूप से परेशान होकर महिला ने रविवार सुबह करीब 9:00 बजे यह आत्मघाती कदम उठाते हुए पानी की टंकी पर चढ़ने का फैसला कर लिया।
टंकी के ऊपर ही दिया गया खाना और पानी, गुरप्रीत कौर और दीपक यादव ने संभाला मोर्चा
जब स्थानीय लोगों ने सुबह महिला को पानी की ऊंची टंकी पर खड़े देखा, तो नीचे से ही शोर मचाते हुए उसे उतरने की गुहार लगाने लगे। लेकिन जब वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं हुई, तो तत्काल इसकी सूचना गोमतीनगर पुलिस और फायर स्टेशन को दी गई। आनन-फानन में थाना इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और फायर स्टेशन से एफएसओ (FSO) गोमतीनगर भी अपनी टीम के साथ वहां आ गए।
महिला को सुरक्षित बचाने के लिए हुसारियां चौकी प्रभारी (आउटपोस्ट इन-चार्ज) गुरप्रीत कौर, उप निरीक्षक दीपक यादव, आरक्षी सूर्या प्रताप और फायर ब्रिगेड की टीम खुद जान जोखिम में डालकर टंकी के ऊपर चढ़ी। ऊपर पहुंचने के बाद भी जब महिला नीचे आने को राजी नहीं हुई और जिद पर अड़ी रही, तो पुलिस ने बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे वहीं पर खाना और पानी उपलब्ध कराया ताकि उसकी स्थिति स्थिर रहे। आखिरकार, पुलिस के स्नेहपूर्ण व्यवहार और 5 घंटे के लंबे मान-मनौव्वल के बाद दोपहर बाद महिला को सुरक्षित नीचे लाने में कामयाबी मिली।
नीचे उतरते ही हुई बेहोश, आरोपी पति को लखीमपुर से किया गया तलब
लंबी जद्दोजहद और मानसिक तनाव के कारण पानी की टंकी से नीचे उतरते ही महिला अचानक जमीन पर गिरकर बेहोश हो गईं। पुलिस टीम ने बिना देर किए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार किया जा रहा है।
थाना इंस्पेक्टर के अनुसार, अस्पताल में होश में आने के बाद महिला से उनके पति राम अनुग्रह का मोबाइल नंबर लिया गया और पुलिस ने उससे सीधे संपर्क साधा। पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी पति राम अनुग्रह प्रजापति लखीमपुर खीरी से लखनऊ के लिए रवाना हो चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसके लखनऊ पहुंचने और पूछताछ के बाद इस पारिवारिक विवाद में आगे की उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


