भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय यात्राओं को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. ये नए नियम कई देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते बनाए गए हैं.
नए नियमों का विदेशों से भारत आने वाले यात्रियों को हवाई अड्डों, बंदरगाहों और ज़मीनी सीमाओं पर पालन किया जाएगा. ये नियम 24 दिसंबर 2022 से लागू हो जाएंगे.
इन नियमों को तीन हिस्सों में बांटा गया. पहला यात्रा की तैयारी के दौरान, दूसरा यात्रा के दौरान और तीसरा यात्रा ख़त्म होने पर किन नियमों का पालन करना है.
क्या है नए नियमों में
सभी यात्रियों को अपने देश में वैक्सीनेशन के स्वीकृत शेड्यूल के अनुसार वैक्सीन लगी हो.
फ्लाइट/यात्रा के दौरान और सभी प्रवेश द्वारों पर कोरोना महामारी को लेकर और संक्रमण से बचने के लिए उपायों (मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग रखना) का पालन करने को लेकर घोषणा की जाए.
यात्रा के दौरान अगर किसी यात्री में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे तय नियमों के अनुसार आइसोलेट किया जाएगा. उस यात्री ने मास्क पहना हो और उसे इलाज के लिए आइसोलेशन सुविधा के लिए भेजा जाएगा.
यात्रा ख़त्म होने पर सोशल डिस्टेंसिग के साथ यात्रियों को उतारा जाएगा.
प्रवेश द्वारों पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करेंगे.
अगर कोई यात्री संक्रमित पाया जाता है तो उसे तुरंत आइसोलेट किया जाएगा और नियमों के मुताबिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजा जाएगा.
फ्लाइट में मौजूद यात्रियों में से दो प्रतिशत की कोरोना संक्रमण के लिए रैंडम जांच होगी.
जांच के लिए यात्रियों का चुनाव संबंधित एयरलाइन करेगी (लोग अलग-अलग देशों से हों इसे प्राथमिकता दें). वो अपना सैंपल देकर हवाई अड्डे से जा सकते हैं.
अगर इन यात्रियों के सैंपल सकारात्मक आते हैं तो उन्हें जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा.
सभी यात्रियों को यात्रा पूरी होने के बाद अपनी सेहत की निगरानी खुद करनी चाहिए. अगर उन्हें कोई लक्षण नज़र आते हैं तो नज़दीकी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र या हेल्पलाइन नंबर पर बताना चाहिए.
12 साल से कम उम्र के बच्चों की यात्रा पूरी होने के बाद जांच नहीं की जाएगी. अगर उनमें बाद में या खुद की निगरानी में कोविड-19 के लक्षण दिखाई दें तो उनकी जांच और इलाज किया जाएगा.
Compiled: up18 News