अंकारा/वाशिंगटन: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा युद्ध पांचवें दिन और भी भयानक हो गया है। अब इस जंग की आग ‘नाटो’ (NATO) के दरवाजे तक पहुँच गई है। तुर्की के हवाई क्षेत्र में घुस रही एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात नाटो के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही तबाह कर दिया। मिसाइल का मलबा तुर्की के हाटे प्रांत में गिरा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
ट्रंप का बड़ा हमला: “हमला न करते तो ईरान कर देता”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक’ करार दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका पर बड़े हमले की फिराक में था। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, “ईरान की वायुसेना और नौसेना अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।” साथ ही ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों को सुरक्षा देने का आदेश दिया है, जिसे ईरान ने बंद कर दिया है।
युद्ध के मैदान से 5 बड़ी अपडेट्स:
ऐतिहासिक डॉगफाइट: इजरायल के F-35I स्टील्थ फाइटर ने तेहरान के ऊपर ईरान के YAK-130 मानवयुक्त लड़ाकू विमान को मार गिराया। युद्ध के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी F-35 ने आसमान में दूसरे फाइटर जेट को ध्वस्त किया है।
सऊदी और कतर की नाराजगी: ईरान ने अपने पड़ोसी अरब देशों पर भी ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी ‘रास तनुरा’ पर ड्रोन हमले की कोशिश हुई, जिसे नाकाम कर दिया गया। कतर ने भी सख्त लहजे में कहा है कि इन हमलों का जवाब दिया जाएगा।
खामेनेई का जनाजा टला: ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ की कमी बताकर टाल दिया गया है। फिलहाल नई तारीख का ऐलान नहीं हुआ है।
जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने पर हमला: इराक के ईरान समर्थक गुट ‘सराया अवलिया अल-दाम’ ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ड्रोन हमले का दावा करते हुए फुटेज जारी किए हैं।
मानवीय संकट: लेबनान में इजरायली हमलों के कारण अब तक 85,000 से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं, जिनमें से हजारों सड़कों पर रात बिताने को मजबूर हैं।
ईरान का पलटवार: “ट्रंप ने दुनिया को धोखा दिया”
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने राष्ट्रपति ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ट्रंप कूटनीति को ‘प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री’ समझ रहे हैं और उन्होंने न केवल डिप्लोमेसी बल्कि अपने मतदाताओं के साथ भी धोखा किया है।

