आगरा में अवैध झुग्गी-झोपड़ियों पर चला नगर निगम का बुलडोजर, बेघर हुए लोगों का सड़कों पर प्रदर्शन, पुलिस ने खुलवाया जाम

स्थानीय समाचार

आगरा। आगरा के ताजगंज क्षेत्र में नगर निगम द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने मंगलवार को विकराल रूप धारण कर लिया। मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत प्रस्तावित सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए की गई कार्रवाई के विरोध में विभव नगर चौराहे पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने बांस-बल्ली लगाकर रास्ता पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात ठप रहा और आने-जाने वाले वाहन चालकों को भीषण गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

​विकास कार्य में बाधा बन रहे थे अतिक्रमण

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, होटल अमर से राजपुर इंद्रापुरम तक सड़क और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाना है। वर्तमान में होटल अमर से उपाध्याय हॉस्पिटल तक निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। नगर निगम का तर्क है कि सड़क के किनारे बनी अवैध झुग्गी-झोपड़ियाँ और फुटपाथ पर किया गया स्थायी-अस्थायी कब्जा इस विकास कार्य में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था। इसी वजह से प्रशासन ने सोमवार को बड़े पैमाने पर बुलडोजर अभियान चलाया।

​सोमवार को मचा था भारी बवाल

सोमवार को जब नगर निगम की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुँची, तो स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। कई स्थानीय महिलाओं ने बुलडोजर के सामने खड़े होकर कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आक्रोशित महिलाओं ने हाथ में डंडे और जूते-चप्पल लेकर निगम कर्मियों को खदेड़ने का प्रयास किया। विशेष रूप से चौधरी गार्डन के पास जब लकड़ी के ढांचे तोड़े जा रहे थे, तब भारी हंगामा हुआ। अंततः, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कड़ी मशक्कत के बाद प्रशासन ने अभियान को पूरा किया।

प्रदर्शनकारियों का दर्द: “आशियाना छिन गया”

मंगलवार को विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़ितों का कहना था कि प्रशासन ने उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया और बिना किसी पूर्व सूचना के उनके आशियानों पर बुलडोजर चला दिया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा, “हमें सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला, जिससे हमारा घरेलू सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया।” लोगों का यह भी आरोप था कि कार्रवाई के समय झोपड़ियों के अंदर छोटे बच्चे भी मौजूद थे। अब उनके सामने सबसे बड़ा संकट यह है कि वे परिवार के साथ कहाँ जाएँ और जीवन-यापन कैसे करें।

​नगर निगम ने किया आरोपों का खंडन

वहीं, दूसरी ओर नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के प्रभारी डॉ. अजय कुमार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई, बल्कि नियमानुसार की गई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में मुनादी करवाकर लोगों को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी जा रही थी। प्रशासन का कहना है कि बार-बार अपील करने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब जाकर सोमवार को बुलडोजर का प्रयोग किया गया।

पुलिस ने संभाली स्थिति

विभव नगर चौराहे पर लगे जाम की सूचना मिलते ही थाना ताजगंज पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों से बातचीत की और उन्हें समझा-बुझाकर सड़क खाली कराई। करीब एक घंटे के हंगामे के बाद यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया जा सका। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए है।