आगरा। थाना हरीपर्वत क्षेत्र की एक अहम पुलिस चौकी से जुड़ा वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में चौकी पर तैनात एक सब इंस्पेक्टर और एक अधिवक्ता के बीच फोन पर हुई तीखी नोकझोंक रिकॉर्ड बताई जा रही है। बातचीत का लहजा लगातार तल्ख होता दिखाई दे रहा है, जिसके बाद पुलिस की कार्यशैली और इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
वायरल वीडियो में सब इंस्पेक्टर अधिवक्ता को बार-बार चौकी आने के लिए कहते सुनाई देते हैं। बातचीत के दौरान वह यह भी कहते हैं कि अधिवक्ता “हद पार कर रहा है” और सिर्फ वकील होने के कारण उसे सम्मान दिया जा रहा है। वीडियो में सब इंस्पेक्टर का एक कथन खासा चर्चा में है—“हम तो अज्ञात आदमी को भी जेल भेज देते हैं, तू तो ज्ञात है।”
इस बयान को कई लोग दबाव बनाने और धमकी भरी भाषा के तौर पर देख रहे हैं।
मामले में पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, थाना हरीपर्वत में अधिवक्ता मनीष कैम सहित दो अन्य नामित अभियुक्तों के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज है। विवेचना के तहत आरोपी मनीष को धारा 35(3) बीएनएनएस के अंतर्गत नोटिस तामील कराने के लिए कई बार थाने बुलाया गया, लेकिन पुलिस का दावा है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे समयबद्ध निस्तारण प्रभावित हो रहा है।
वीडियो में सब इंस्पेक्टर यह कहते भी सुने जा रहे हैं, “मुझे आज तू चाहिए, चाहे कुछ भी हो जाए।” इस पर अधिवक्ता अपने पेशेवर कार्य में व्यस्त होने और कुछ समय बाद आने की बात करता है। बातचीत के दौरान अधिवक्ता यह सवाल भी करता है कि क्या उसे जेल भेज दिया जाएगा, जिस पर सब इंस्पेक्टर जवाब देता है कि अगर जेल भेजना होता तो अब तक भेज दिया होता।
सूत्रों के मुताबिक, संबंधित सब इंस्पेक्टर का नाम पहले भी विवादों से जुड़ चुका है। पूर्व तैनाती के दौरान उन पर एक व्यापारी के साथ मारपीट के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में इस नए वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर उनके आचरण और व्यवहार पर सवाल उठने लगे हैं।
वीडियो के वायरल होते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि उच्चाधिकारी पूरे प्रकरण की समीक्षा कर सकते हैं और वीडियो की सत्यता व संदर्भ की जांच कराई जा सकती है। वहीं, अधिवक्ता संगठनों और सामाजिक हलकों में भी इस विवाद को लेकर चर्चा तेज है। अब देखना यह होगा कि पुलिस विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

