मानसून सत्र बना सियासी अखाड़ा: वेल में उतरे सपा विधायक, मुख्यमंत्री की तस्वीर लेकर विरोध प्रदर्शन पर भड़के विधानसभा अध्यक्ष

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान सदन के भीतर का माहौल उस समय पूरी तरह गरमा गया, जब विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के विधायकों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। इस हंगामे के बीच समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर पर नारा लिखकर सदन के अंदर प्रदर्शन कर रहे थे, जिसे देखकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

विधायक द्वारा इस प्रकार मुख्यमंत्री की तस्वीर पर आपत्तिजनक नारे लिखने और सदन की मर्यादा तोड़ने के इस कृत्य पर विधानसभा अध्यक्ष बेहद नाराज नजर आए। उन्होंने कड़े तेवर अपनाते हुए विधायक सचिन को तत्काल सदन से बाहर चले जाने का आदेश दिया। बात यहीं खत्म नहीं हुई, अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत एथिक्स कमेटी (आचार समिति) को भेजेंगे और विधायक की सदस्यता रद्द करने के प्रस्ताव की अनुशंसा तक कर सकते हैं।

सदन में लगातार बढ़ते तनाव और हंगामे के हालात को देखते हुए अध्यक्ष ने कल सुबह 11 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।

सपा के ‘चंदा चोर’ नारे के जवाब में भाजपा का ‘टोटी चोर’ का पलटवार

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सदन में प्रत्यक्ष मौजूदगी के बावजूद समाजवादी पार्टी के विधायक आक्रामक तेवर में नजर आए। सपा के तमाम सदस्य वेल (सदन के बीच का हिस्सा) में आ गए और सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी करने लगे। सपा विधायकों की तरफ से लगातार यह नारा गूंज रहा था कि ‘चंदा चोर कहां मिलेंगे? बीजेपी के दफ्तर में।’

सपा के इस आक्रामक हमले का जवाब देने में सत्ता पक्ष भी पीछे नहीं रहा। समाजवादी पार्टी के नारों का मुकाबला करने के लिए भाजपा के विधायकों ने भी मोर्चा संभाल लिया और पलटवार करते हुए तीखे अंदाज में नारे लगाए ‘टोटी चोर कहां मिलेंगे? सपा के दफ्तर में।’ दोनों दलों के बीच हुई इस नारेबाजी से सदन का सियासी पारा काफी चढ़ गया और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच जबरदस्त राजनीतिक तकरार देखने को मिली।