आगरा। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान आगरा उत्तर से विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने शहर से जुड़े कई मुद्दे सदन में उठाए। उन्होंने आगरा में बैराज और अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने की मांग रखी, साथ ही उद्योगों के विद्युत कनेक्शनों पर लगी रोक हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी कराने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि आगरा प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में गांव, गरीब, किसान, व्यापारी, युवा और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम हुआ है, जिससे प्रदेश प्रगति की ओर बढ़ा है।
उन्होंने रोजगार और कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि पहले जहां युवा अपराध की ओर भटकते थे, वहीं अब वे हुनर सीखकर आगे बढ़ रहे हैं। आईटीआई संस्थानों में अब पारंपरिक कोर्स के साथ मोबाइल, एसी, फ्रिज, मोटर मैकेनिक और इलेक्ट्रीशियन जैसे तकनीकी प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं। उनके अनुसार आगरा में हर महीने 21 तारीख को लगने वाले रोजगार मेलों के जरिए पिछले सात वर्षों में 7,300 युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी मिली, जिनमें करीब 2,000 युवतियां शामिल हैं।
खंडेलवाल ने आगरा को औद्योगिक और धार्मिक नगरी बताते हुए कहा कि यहां प्रमुख धार्मिक स्थल शहर की पहचान हैं। उन्होंने बताया कि देश के कुल जूता उत्पादन में आगरा की हिस्सेदारी लगभग 65 प्रतिशत है। पेठा के अलावा चांदी, घुंघरू, ब्रश और रेडीमेड वस्त्र उद्योग भी तेजी से बढ़ रहे हैं। उनका कहना था कि बेहतर कानून व्यवस्था से उद्योगों और निवेश को बढ़ावा मिला है।
विधायक ने आगरा कॉलेज में महाराजा अग्रसेन पीठ की स्थापना के निर्णय का स्वागत किया और बल्केश्वर घाट के पुनरुद्धार पर सरकार का आभार जताया। साथ ही आनंदी भैरव मंदिर पर यमुना घाट बनवाने की मांग रखी, ताकि दयालबाग और सिकंदरा क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिल सके।
उन्होंने यमुना में सालभर पर्याप्त जल बनाए रखने के लिए कैलाश मंदिर से ताजमहल तक चेकडैम या बैराज निर्माण की जरूरत बताई। उनका कहना था कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यमुना आरती जैसी गतिविधियां भी शुरू हो सकती हैं।
ताजमहल क्षेत्र के कारण एलएमवी-6 विद्युत कनेक्शन बंद होने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि इससे फाउंड्री उद्योग प्रभावित हुआ है। सरकार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आगरा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने की मांग दोहराई, ताकि खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिल सकें और शहर को नई पहचान मिले।

