निगमबोध घाट पर पंचतत्व में विलीन हुए राजू श्रीवास्तव, कई हस्‍तियां पहुंचीं

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डॉक्टरों की एक टीम दिन-रात उनकी निगरानी में थी। राजू श्रीवास्तव का एम्स में ही नई तकनीक से पोस्टमॉर्टम किया गया। इस वर्चुअल ऑटोप्सी में 15 से 20 मिनट का समय लगा। इसके बाद राजू श्रीवास्तव का पार्थिव शरीर परिवार को सौंप दिया गया। इसके बाद राजू के पार्थिव शरीर को 21 सितंबर को ही एम्स से दशरथपुरी ले जाया गया था। दशरथपुरी में राजू श्रीवास्तव के भाई का घर है। यहां पर उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। राजू श्रीवास्तव के आखिरी दर्शन के लिए आने-जाने वालों का तांता लग गया था। राजू का चेहरा देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।

राजू श्रीवास्तव पंचतत्व में विलीन

राजू श्रीवास्तव का पार्थिव शरीर 22 सितंबर को करीब 11 बजे के आसपास निगमबोध घाट पहुंचा। साथ में परिवार के लोग भी पहुंचे। घाट पहुंचने के बाद राजू श्रीवास्तव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। दाह संस्कार वाली जगह को फूलों से सजाया गया। इससे पहले सुबह 9:30 बजे के आसपास राजू श्रीवास्तव की अंतिम यात्रा दशरथपुरी स्थित उनके भाई के घर से निकाली गई थी। उनके पार्थिव शरीर को एंबुलेंस में रखकर निगमबोध घाट लाया गया। एंबुलेंस को फूलों से सजाया गया था और उस पर राजू श्रीवास्तव की तस्वीर लगी थी। निगमबोध घाट में ‘राजू श्रीवास्तव अमर रहें’ के नारे लग रहे थे।

राजू श्रीवास्तव के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। सभी की आंखें नम थीं। अंतिम संस्कार दिल्ली में करने का फैसला राजू श्रीवास्तव के परिवार का ही था।

भाई काजू नहीं राजू को नहीं दे पाए अंतिम विदाई

बताया जा रहा है कि राजू श्रीवास्तव के भाई काजू उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए। काजू श्रीवास्तव अभी बीमार हैं और कानपुर में हैं। राजू श्रीवास्तव, भाई काजू से मिलने ही दिल्ली आए थे और यहीं रुक गए थे। उसी दौरान जिम में वर्कआउट के वक्त राजू श्रीवास्तव की तबीयत बिगड़ गई थी। जिस समय राजू श्रीवास्तव दिल्ली के एम्स में भर्ती थे, उसी दौरान काजू भी एम्स में भर्ती थे। वहीं राजू को अंतिम विदाई देने के लिए कॉमेडी जगत की कई हस्तियां निगमबोध घाट पहुंचीं। कानपुर से भी उनके कुछ दोस्त वहां पहुंचे।

-एजेंसी

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