आगरा: ताजनगरी के थाना कमला नगर क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहाँ यमुना नदी में नहाने गए छह बच्चे गहरे पानी की चपेट में आ गए। भीषण गर्मी से राहत पाने की कोशिश इन बच्चों के लिए काल बन गई। इस हादसे में तीन बच्चों की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दो का इलाज जारी है। एक लापता बच्चे की तलाश के लिए यमुना की लहरों में देर शाम तक सर्च ऑपरेशन चलता रहा।
चीख-पुकार और रेस्क्यू ऑपरेशन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चे नदी किनारे नहा रहे थे कि अचानक संतुलन बिगड़ने से वे गहरे पानी और तेज बहाव की ओर खिंचे चले गए। घाट पर मौजूद लोगों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय तैराक तुरंत बचाव के लिए कूदे। सूचना मिलते ही कमला नगर पुलिस और पीएसी (PAC) की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँची। कड़ी मशक्कत के बाद पाँच बच्चों को बाहर निकालकर तत्काल एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
3 की मौत, 2 का चल रहा उपचार
अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने कान्हा, रिया और महक को मृत घोषित कर दिया। वहीं, काजल और अंशू की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है। छठे बच्चे की तलाश के लिए गोताखोरों की टीम लगातार नदी के गहरे हिस्सों और आसपास के घाटों को खंगाल रही है।
थाना प्रभारी कमलानगर ने बताया कि सभी किशोर और किशोरियां एत्माद्दौला क्षेत्र के निवासी सौरभ के यहां बर्थ डे पार्टी में आए हुए थे। वे एत्माद्दौला क्षेत्र की ओर से ही यमुना नदी में नहाने उतरे थे और गहरे पानी में चले गए।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने मीडिया को दी बाइट में कहा कि छह बच्चे यमुना में कूदे थे। इनमें दो को सकुशल निकाल लिया गया। तीन की मृत्यु हो गई और एक की तलाश जारी है।
असुरक्षित घाटों पर उठे सवाल
हादसे के बाद इलाके में सन्नाटा और मातम का माहौल है। स्थानीय निवासियों में प्रशासन के प्रति आक्रोश भी देखा गया। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में घाटों पर बच्चों की भीड़ बढ़ जाती है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। गहराई और बहाव का अंदाजा न होने के कारण अक्सर ऐसे हादसे होते हैं। स्थानीय लोगों ने खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और स्थायी गार्ड तैनात करने की मांग की है।

