आगरा। मरीजों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण रक्त उपलब्ध कराने के प्रशासनिक दावों के बीच ताजनगरी आगरा के ब्लड बैंकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लखनऊ मुख्यालय से आई औषधि प्रशासन विभाग की विशेष टीम ने आगरा के नौ प्रमुख ब्लड बैंकों पर एक साथ औचक जांच अभियान चलाया। इस छापेमारी के दौरान कई ब्लड बैंकों में रक्त भंडारण से जुड़े रिकॉर्ड, रखरखाव और स्वच्छता के मामले में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।
जांच में मिली गंभीर कमियों को देखते हुए ‘जय हिंद ब्लड बैंक’ और ‘श्री बालाजी ब्लड बैंक’ में रक्त के नए भंडारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। वहीं, जांच के दायरे में आए अन्य ब्लड बैंकों को भी पाई गईं खामियों को जल्द से जल्द दूर करने के सख्त निर्देशों के साथ नोटिस जारी किए गए हैं।
लखनऊ की विशेष टीम ने खंगाले 9 ब्लड बैंक
औषधि विभाग की प्रांतीय टीम ने आगरा पहुंचकर एक साथ नौ ब्लड बैंकों के परिसरों का गहन निरीक्षण किया। इस विशेष कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ब्लड बैंकों में रक्त संग्रह (कलेक्शन), वैज्ञानिक भंडारण (स्टोरेज) और वितरण (डिस्ट्रिब्यूशन) की वास्तविक स्थिति का धरातलीय आकलन करना था। जांच दल ने उपलब्ध ब्लड यूनिट्स के कागजी रिकॉर्ड, आवश्यक लाइसेंस, तकनीकी दस्तावेजों और निर्धारित मानकों के अनुपालन की बारीकी से पड़ताल की।
निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्थानों पर रिकॉर्ड प्रबंधन में व्यापक गड़बड़ियां पाई गईं, वहीं साफ-सफाई और कोल्ड चेन मेंटेनेंस की व्यवस्था भी बेहद असंतोषजनक मिली।
जय हिंद और श्री बालाजी में रक्त भंडारण पूरी तरह बंद
जांच के दौरान ‘जय हिंद ब्लड बैंक’ और ‘श्री बालाजी ब्लड बैंक’ में निर्धारित मानकों का खुला उल्लंघन पाया गया, जिसके चलते प्रशासन ने जनस्वास्थ्य के हित में वहां तत्काल प्रभाव से रक्त भंडारण पर रोक लगाने का कड़ा निर्णय लिया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रक्त का संग्रह और भंडारण एक अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसे निश्चित तापमान, रोगाणुरहित (स्टेरलाइज्ड) वातावरण और कड़े तकनीकी मानकों के तहत ही किया जाना अनिवार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही से रक्त की गुणवत्ता खराब हो सकती है, जो मरीजों की जान के लिए बेहद घातक सिद्ध हो सकती है।
अन्य सेंटरों को नोटिस, सुधार के बाद होगी दोबारा जांच
विशेष टीम की जांच में शामिल अन्य ब्लड बैंकों में भी अलग-अलग स्तर पर कमियां पाई गईं, जिसके बाद संबंधित संचालकों को औपचारिक नोटिस जारी कर निश्चित समय सीमा के भीतर व्यवस्था दुरुस्त करने की चेतावनी दी गई है।
औषधि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद टीम द्वारा दोबारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस पुनः जांच में यदि रिकॉर्ड प्रबंधन, स्वच्छता और मानक तापमान जैसे पैमानों पर सुधार पाया जाता है, तभी आगे की कार्यवाही पर विचार किया जाएगा।
छापेमारी से संचालकों में हड़कंप
लखनऊ मुख्यालय की इस सीधी और सख्त कार्रवाई से आगरा के स्वास्थ्य महकमे और निजी ब्लड बैंक संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। नौ ब्लड बैंकों में एक साथ जांच और दो के संचालन पर आंशिक रोक से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी निगरानी प्रणाली पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि केवल कागजी खानापूर्ति करने वाले ब्लड बैंकों पर अब नकेल कसी जाएगी।

